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Wednesday, February 4, 2026

धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद का नक्शा एडीए ने किया खारिज

धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद का नक्शा एडीए ने किया खारिज

अयोध्या।
तहलका 24×7
               मंदिर-मस्जिद के विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद जहां अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, मुस्लिम पक्ष को धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण के लिए दी गई पांच एकड़ भूमि पर अभी नींव भी नहीं पड़ सकी। जिसका कारण बताया जा रहा है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण नक्शा पास नहीं किया गया है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण को ओम प्रकाश सिंह द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में 16 सितंबर को एक पत्र के माध्यम से कहा कि इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट ने नक्शे को पास कराने के लिए 23 जून 2021 को प्रस्तुत किया गया था। एडीए ने यह भी पुष्टि की कि मस्जिद ट्रस्ट ने परियोजना के लिए आवेदन और जांच शुल्क के रुप में 4,02,628 रुपये जमा किए थे। लेकिन लोक निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण, नागरिक उड्डयन, सिंचाई, राजस्व, नगर निगम और अग्निशमन सेवाओं सहित विभागों से मंजूरी के अभाव के कारण खारिज कर दिया गया।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 के अपने फैसले में अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर मस्जिद और संबंधित सुविधाओं के निर्माण के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया था। इसके बाद 3 अगस्त 2020 को तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट अनुज कुमार झा ने शहर से लगभग 25 किमी दूर सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में स्थित भूमि का कब्जा हस्तांतरित कर दिया था।
इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जमीन का आदेश दिया और उत्तर प्रदेश सरकार ने भूखंड आवंटित किया, मैं अवाक हूं कि सरकारी विभागों ने अनापत्ति क्यों नहीं दी और प्राधिकरण ने मस्जिद का नक्शा क्यों खारिज कर दिया। हुसैन ने कहा कि निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग ने संपर्क मार्ग के बारे में चिंता जताई थी। जिसमें कहा गया था कि प्रस्तावित मस्जिद और अस्पताल भवन के लिए मानदंडों के अनुसार यह कम से कम 12 मीटर चौड़ा होना चाहिए, जबकि स्थल पर सड़क केवल छह मीटर चौड़ी है और मस्जिद के मुख्य मार्ग पर केवल चार मीटर चौड़ी है।
उन्होंने अग्निशमन विभाग की आपत्ति के अलावा मुझे अन्य विभागों की आपत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट के सदस्य अरशद अफजाल ने बताया कि पांच एकड़ भूमि पर मस्जिद के साथ तीन इमारतें और बनाई जानी है, जो हर धर्म के लोगों के लिए होगी जो सद्भाव पेश करेंगी। मस्जिद मेदांता की तर्ज पर 300 बेड का एक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल भी बनाएगा। दूसरा एक कम्युनिटी किचन और तीसरा एक रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा।

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