धर्म की स्थापना के लिए होता है भगवान का अवतार: डा. मदन मोहन
खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7
दुष्टों का संहार करके धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं, यह अवतार ही समाज को जगाने वाला वास्तविक संत है।उक्त बातें पोरई कला गांव में आयोजित श्री मद्भभागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र महाराज व्यासपीठ से कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बोल रहे थे।

उन्होंने उपस्थित श्रोताओं को भक्ति सागर में खूब गोता लगवाया और अमृत पान कराते हुए कहा सकारात्मक सोच ही व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है और नकारात्मक सोच ही सबसे बड़ा अभिशाप। कृष्ण का पूरा जीवन संघर्ष पूर्ण रहा फिर भी वे सदा मुस्कराते रहे और तटस्थ की भूमिका में रहे।

हमें अपने बच्चों का नाम भगवत परक रखना चाहिए क्योंकि अजामिल ने अपने बेटे नारायण का नाम लिया और उसका कल्याण हो गया,नारी में क्षमता के माध्यम से लक्ष्मी बाई बनकर अग्रेजो का दांत खट्टा कर सकती है तो ममता के माध्यम से देवकी के बेटे कन्हैया को पुत्र बनाकर पाल सकती।संचालन वशिष्ठ ने किया, व्यास जी का स्वागत एवं आभार आयोजक उमा शंकर मिश्र ने किया।इस अवसर पर शशि प्रकाश मिश्र, राजेश सिंह, रमेश सिंह, फिरतू यादव, बालकिशुन राजभर समेत भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।








