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Saturday, February 7, 2026

नहीं रहीं गुलाबो सिताबो फेम फर्रुख जाफर “चुन्नन बीवी”

नहीं रहीं गुलाबो सिताबो फेम फर्रुख जाफर “चुन्नन बीवी”

# बनी थीं अमिताभ बच्चन की ऑनस्क्रीन ‘बेगम’

# शाहगंज की बेटी थी ऑल इंडिया रेडियो की पहली महिला एनाउंसर

लखनऊ/शाहगंज।
फैज़ान अंसारी 
तहलका 24×7
                       किसी की बड़ी अम्मी, किसी की भाभी, हिन्दी सिनेमा की एक जानी-मानी शख्सियत और सबकी “चुन्नन बीवी” फर्रुख जाफर साहिबा नहीं रहीं। शुक्रवार की शाम सात बजे उन्होंने लखनऊ के सहारा अस्पताल में अंतिम सांस लीं। वे 90 वर्ष की थीं, कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने, सांस लेने में दिक्कत होने और सर्दी-जुकाम व जकड़न होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी दो बेटियां हैं। एक शाहीन जो विशेष खंड में रहती हैं और दूसरी वरिष्ठ पत्रकार व लेखक महरू जाफर हैं। बेगम उन्हीं के पास रहती थीं। महरू जाफर ने बताया कि उन्हें शनिवार को मल्लिका जहां कब्रिस्तान एशबाग में दफन किया जाएगा।
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सीनियर एक्ट्रेस फर्रुख जाफर “चुन्नन बीवी” के उम्र में निधन की खबर उनके भतीजे शोज़फ रिज़वी ने दी। श्री रिज़वी ने बताया कि शुक्रवार, 15 अक्टूबर को लखनऊ में ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद “चुन्नन बीवी” ने अपनी अंतिम सांस ली। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी पूर्व एमएलसी वरिष्ठ अभिनेत्री फर्रुख जाफर “चुन्नन बीवी” शुक्रवार शाम 7 बजे लखनऊ में निधन हो गया।

# कौन थीं फर्रुख जाफर ?

फर्रुख जाफर “चुन्नन बीवी” को कुछ समय पहले फिल्म गुलाबो सिताबो में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने फातिमा बेगम की भूमिका निभाई थी फातिमा बेगम, अमिताभ बच्चन के किरदार मिर्जा की पत्नी थीं। “चुन्नन बीवी” ने अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत 1981 में आई फिल्म उमराव जान से की थी। इस फिल्म में उन्होंने रेखा की मां की भूमिका निभाई थी। उसके बाद 2004 में उन्होंने दूसरी फिल्म स्वदेश में काम किया, फिर पीपली लाइव, चक्रव्यूह, सुल्तान और तनु वेड्स मनु में नजर आईं। 2019 में उन्होंने नारायण चौहान की ‘अम्मा की बोली’ में मुख्य भूमिका निभाई।गुलाबो सिताबो समेत करीब एक दर्जन फिल्मों में काम करने वाली फर्रुख जाफर को 88 साल की उम्र में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। फर्रुख जाफर की शॉर्ट फिल्में मेहरून्निसा, रक्स, कुंदन, नंदी अभी रिलीज होनी बाकी है।

# ऑल इंडिया रेडियो में देश की पहली महिला एलांउसर थी फर्रुख जाफर

फर्रुख जाफर का जन्म 1933 में जौनपुर की तहसील शाहगंज के भादी ग्राम के जमींदार परिवार में हुआ था।उनकी शादी एक पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी सैयद मोहम्मद जफर से हुई शादी के बाद वह लखनऊ चली गई। सैयद मोहम्मद जफर ने फर्रुख को आगे पढ़ाई करने और फिर थिएटर और फिल्मों का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया था. फर्रुख जाफर ने लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। फर्रुख जाफर ने अपना करियर रेडियो में बतौर अनाउंसर शुरू किया था। वह ऑल इंडिया रेडियो में देश की पहली महिला एलांउसर थी। गीतों भरी कहानी नामक प्रोग्राम काफी यादगार रहा, जिसमें वे गीतों के बीच सुनाई जाने वाली कहानियों को अपनी आवाज देती थीं और गीतों का चयन करती थीं।

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