पांचवी यूनिवर्सिटी का रास्ता साफ, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
गोरखपुर।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर में बनने वाले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी गई।कैबिनेट ने इसके लिए“उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश 2026″ के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है।491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा।

योगी सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी,औद्यानिकी,वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन,प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री,फल और बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी,एमएससी,पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना,जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है।

वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार और गोरखपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी।इसके पहले सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना गोरखपुर में ही की है। 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी।अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है।यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा।

इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के पास ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है।प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी,सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें।उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी और तेज की जाएगी।















