पोस्टमार्टम के दौरान महिला की आंखें निकालने के मामले में दोनों डॉक्टर भेजे गए जेल
बदायूं, लखनऊ।
तहलका 24×7
कथित रूप से दहेज हत्या की शिकार एक नवविवाहित महिला का पोस्टमार्टम करने के दौरान आंख गायब होने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में दो डॉक्टरों को जेल भेज दिया गया है। दरअसल, परिजन ने आरोप लगाया था कि पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने मृतका की आंख को निकला लिया था। जिलाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए महिला के शव का पुनः पोस्टमार्टम कराया गया और आंखें गायब होने की पुष्टि हुई।

अलापुर थाना इलाके के गांव कुतरई निवासी गंगा चरण की बेटी पूजा (20) की शादी मुजरिया थाना इलाके के गांव रसूला में हुई थी। रविवार को उसकी कथित रूप से दहेज के लिए हत्या कर दी गई। पूजा का शव फांसी के फंदे पर लटकता पाया गया था। सोमवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव को काले बैग में रखकर परिजनों को दे दिया गया। सोमवार शाम जब परिजनों ने बैग खोलकर शव को देखा तो उसकी दोनों आंखे गायब थीं।आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों पर आंखे निकालने का आरोप लगाया।

जिलाधिकारी ने बताया कि मृतक महिला के भाई राजकुमार की तहरीर पर चिकित्सकों की टीम पर सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस थाना में इनसे पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, इस मामले की जांच के लिए एडीएम (प्रशासन) वी.के. सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) आलोक मिश्रा और सीएमओ डॉक्टर प्रदीप वार्ष्णेय की एक संयुक्त टीम गठित की गई है, जो 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आक्रोशित परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी से संपर्क किया था और डॉक्टर व स्टाफ पर कार्रवाई होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का ऐलान किया था। जिलाधिकारी ने कहा, यह एक बहुत शर्मनाक और निंदनीय घटना है। पुलिस ने कहा कि दोबारा पोस्टमार्टम होने और प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में दो डॉक्टरों को जेल भेज दिया गया है।








