भागवत कथा: भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु
पिंडरा,वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
पिंडरा बाजार स्थित श्री राधे कुंज प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर प्रवचन का रसपान कर रहे हैं।कथा स्थल पर प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।सात दिवसीय कथा के पांचवें दिन आचार्य परमानंद पाठक महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि“नंद के घर आनंद”का अर्थ केवल उत्सव नहीं,बल्कि वह स्थिति है जब मनुष्य अपने जीवन से दूसरों को सुख और आनंद प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि जब जीव हृदय रूपी गोकुल को छोड़कर संसार रूपी मथुरा में विषय-विकारों से जुड़ता है,तब वासना रूपी पूतना उसमें प्रवेश कर जाती है। माखन चोरी लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची गोपी वही है जो अपने तन-मन से भगवान की भक्ति में लीन हो जाती है।जब साधक का मन निर्मल और पवित्र हो जाता है, तब भगवान श्रीकृष्ण उस मन रूपी माखन को चुरा लेते हैं, अर्थात उसे अपना बना लेते हैं।इस दौरान माखन चोरी लीला का सुंदर मंचन भी किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।


















