वर्षों से जमे चिकित्सक व कर्मियों पर संयुक्त सचिव से जवाब तलब
# उच्च न्यायालय में दायर याचिका में 19 मेडिकल कर्मियों को 30-35 साल से जिले में जमे रहने पर कोर्ट गंभीर
जौनपुर।
सौरभ आर्य
तहलका 24×7 सरकारी चिकित्सकीय पदों पर लंबे समय से कुंडली जमाए बैठे मेडिकल स्टाफ के लिए खतरे की घंटी बज गई है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शासन से इस बाबत जवाब मांगा है। उप्र सरकार के संयुक्त सचिव ने महानिदेशक को पत्र भेजकर जौनपुर जिले में स्थानांतरण नीति के खिलाफ बीते कई वर्षों से अलग अलग पदों पर तैनात 19 लोगों के बारे में जवाब तलब किया है।

बता दें कि राजेश कुमार चौबे ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया कि जौनपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों का कई वर्षों से स्थानांतरण नहीं हुआ है। इसमें कई अधिकारी तो 30-35 सालों से इसी जनपद में कार्यरत हैं। जिसे संज्ञान में लेते हुए उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश शासन से जवाब तलब किया। इसी कड़ी में संयुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा को पत्र जारी किया है। पत्र में बताया गया है कि किन 19 अधिकारियों का स्थानांतरण नियमों का उल्लंघन करते हुए लंबे समय से रुका हुआ है। महानिदेशक से इन 19 लोगों की तैनाती का स्पष्ट विवरण तलब किया गया है।

लम्बे समय से जड़ जमाए चिकित्सक, कर्मचारियों में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार, खुटहन सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रोहित लाल, मडियाहूं सीएचसी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरजा शंकर यादव, सिरकोनी सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. रवि कुमार यादव, सीएचसी धर्मापुर में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज गौतम समेत कई फार्मासिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, हेल्थ सुपरवाइजर और लैब असिस्टेंट शामिल हैं।


















