विभागीय लापरवाही के चलते मतदाताओं को नोटिस, ग्रामीणों में आक्रोश
खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7. शाहगंज विधानसभा क्षेत्र के पाराकमाल गांव में बूथ संख्या 278 के 234 तथा बूथ संख्या 279 के 218 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने से हड़कम्प मच गया है। कुल 452 मतदाताओं को दी गई नोटिस के बाद ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। इसके अतिरिक्त 203 मतदाता तहसील पहुंचकर अब तक नोटिस का जवाब भी दे चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने एसआईआर फार्म के साथ सभी मूल दस्तावेज समय सीमा के भीतर जमा किए थे और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया था।

इसके बावजूद बिना समुचित जांच के एक समान आरोप लगाकर 452 मतदाताओं को नोटिस जारी कर दी गई। सभी नोटिस में लगभग एक जैसी आपत्ति दर्ज है, जिससे मतदाताओं में भ्रम और नाराजगी है।ग्रामीणों का कहना है कि एक ही नोटिस का जवाब दो-तीन बार देने के बाद पुनः नोटिस भेजी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप है कि हर बार नोटिस का जवाब न देने पर नाम मतदाता सूची से काटने की चेतावनी दी जा रही है।

पहली बार पाराकमाल बूथ पर पहुंचे सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एआरओ) डॉ. विनोद यादव से जब बड़ी संख्या में मतदाताओं ने नोटिस के संबंध में सवाल किया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसडीएम जिम्मेदार हैं और उनका कार्य केवल नोटिस फार्म का वितरण करना है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बीएलओ के प्रशिक्षण में कमी के कारण इतनी बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आई हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव आयोग के अप्रशिक्षित कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। कभी तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो कभी बार-बार नोटिस थमाई जा रही है।

सबसे अधिक समस्या मतदाता सूची की मैपिंग को लेकर सामने आ रही है।एआरओ की कार्रवाई से गांव में असंतोष का माहौल है।मतदाताओं का कहना है कि न तो एआरओ उन्हें संतुष्ट कर पा रहे हैं और न ही सुपरवाइजर उचित मार्गदर्शन दे रहे हैं।शिकायत करने पर एक अधिकारी दूसरे के पास भेजकर पल्ला झाड़ लेते हैं।इस सम्बंध में एआरओ डॉ.विनोद यादव ने बताया कि उनसे पहले कर्मचारियों से गलतियां हुई हैं उसको सुधार किया जाएगा।मेरा काम सिर्फ नोटिस फार्म का वितरण करना हैं।एआरओ अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे।








