25 हजार रुपए घूस लेते हुए पेशकार गिरफ्तार, वसीयत पर रिपोर्ट लगाने के लिए मांगे थे रुपये
लखनऊ।
तहलका 24×7
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अलीगढ़ शाखा ने तहसीलदार के पेशकार को वसीयत में रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से पूरी तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।टीम ने घूस लेने के आरोपी पेशकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अलीगढ़ शाखा के निरीक्षक प्रमोद कुमार के अनुसार पूरी कार्रवाई पीड़ित की शिकायत पर की गई है।

कासगंज जनपद के पटियाली निवासी विमल कुमार रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर खतौनी में अपना नाम दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि बार-बार दौड़ने के बावजूद उनका काम नहीं किया गया और पेशकार बृजेश कुमार ने नाम चढ़ाने के एवज में मोटी रकम की मांग की।विमल कुमार ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन के कार्यालय में जाकर दर्ज कराई।शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गोपनीय जांच की।सत्यता पाए जाने पर जाल बिछाया गया।

योजना के अनुसार निरीक्षक प्रमोद कुमार ने टीम बनाई और विमल कुमार को केमिकल युक्त 25 हजार रुपये देकर तहसील पटियाली भेजा।जैसे ही विमल कुमार ने रुपये पेशकार बृजेश कुमार को थमाए,पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने उसे धर दबोचा। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद आरोपी पेशकार अपनी गलती पर रोने और गिड़गिड़ाने लगा, लेकिन टीम ने उसकी एक न सुनी।आरोपी बृजेश कुमार कासगंज के सिटी रोड स्थित मोहल्ला जय जय राम का निवासी बताया जा रहा है।

एंटी करप्शन की टीम आरोपी पेशकार को हिरासत में लेकर गंजडुंडवारा कोतवाली पहुंची,जहां उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई।टीम की इस कार्रवाई के बाद तहसील के अन्य कर्मचारियों,बिचौलियों में भी दहशत का माहौल देखा गया।अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा,ताकि आमजन को सरकारी दफ्तरों में परेशानी न हो।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि तहसील में व्याप्त अन्य संभावित भ्रष्टाचार के मामलों का भी पता लगाया जा सके।
















