अमूल प्लान्ट पर मजदूरों ने मांगों को लेकर किया धरना प्रदर्शन
पिंडरा, वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
करखियाव स्थित अमूल प्लांट पर गेट के सामने शनिवार को सुबह से लेकर दोपहर तक मजदूरों ने आर्थिक शोषण व मनमाने ढंग से काम कराने का आरोप लगाकर खूब हंगामा किया।सूचना पर एडीसीपी व इंस्पेक्टर फूलपुर मय फोर्स पहुंचकर स्थिति को संभाला।सायंकाल तक धरना प्रदर्शन जारी रहा।प्लांट में कार्यरत सैकड़ों मजदूर ठीकेदार और कम्पनी के ऊपर मनमाने तरीके से काम कराने व महीने के पूरे दिन बिना छुट्टी दिए आर्थिक शोषण करने व अपनी बात रखने पर कम्पनी से बाहर कर देने का आरोप लगाया।

यही नही, मजदूरों का आरोप था कि रखते समय दो वर्ष में मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दिया था,लेकिन कुछ नही हो सका।मांग करने पर बाहर कर दिया जा रहा है।महिलाओं का आरोप है कि पुरुष के बराबर काम लिया जाता है।लेकिन मजदूरी कम दी जा रही है। किसी भी तरह की कोई छुट्टी नही दी जाती।मजदूरों ने दूध वाहन को न तो अंदर जाने दिया,ना ही बाहर निकलने दिया। जिससे प्लांट के अंदर अफरा तफरी का माहौल दिखा।
सूचना पर गोमती जोन के एडीसीपी नृपेंद्र कुमार व इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंचे।

काफी देर तक समझाने का प्रयास किया लेकिन मजदूर नही माने। उसके बाद प्लांट के मैनेजर अलोकमणि त्रिपाठी व ठेकेदार के सुपरवाइजर विनोद दुबे के साथ मौके पर आए। लेकिन मजदूरों के तर्क के आगे उनकी भी नही चली। गुजरात से ठीकेदार के आने पर वार्ता के उपरांत धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही। धरना प्रदर्शन के चलते प्लांट का कार्य भी बाधित रहा। इस बाबत इंस्पेक्टर फूलपुर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

# धरना प्रदर्शन के दौरान श्रम विभाग पर भी उठे सवाल
अमूल प्लांट में मजदूरों को रखने वाली संस्था श्रम विभाग में रजिस्टर्ड है,बावजूद इसके जिम्मेदारों द्वारा कभी कोई जानकारी न लेना,मजदूरों से उनकी समस्या के बाबत मिलने की जहमत नहीं उठाई।मजदूरों का आरोप है कि श्रम विभाग के लोग ठीकेदार से मिलकर नियमों के विरुद्ध वर्षो से बिना कोई मेडिकल सुविधा और पीएफ के 12-12 घण्टे बिना कोई छुट्टी दिए काम कराया जाता है।जबकि श्रम विभाग ही 8 घण्टे और हफ्ते में 6 दिन काम करने का नियम बनाया है।ऐसे में प्लांट में इन नियमों का पालन क्यो नही कराया गया। फिलहाल मैनेजर अलोकमणि त्रिपाठी ने बताया कि मजदूरो का प्लांट से कोई संबध नही है,हम ठीकेदारी व्यवस्था के तहत काम कराते हैं।ठीकेदार कितना देता है हम नही जानते।


















