जौनपुर : धांधली की आशंका में पीएचडी संघर्ष मोर्चा ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर : धांधली की आशंका में पीएचडी संघर्ष मोर्चा ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
               वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कुछ दिन पूर्व आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा के दौरान कुछ कमरों में प्रश्न पुस्तिका की सील टूटी हुई थी और कुछ अभ्यर्थियों के पास पहले से ही उसके उत्तर मौजूद थे इसकी शिकायत जब आस-पास बैठे अभ्यर्थियों ने संबंधित कमरों में की तो उन शिकायतों को कमरों में ही दबा दिया गया, और पकड़े गए अभ्यर्थियों पर कोई विधिक कार्यवाही नहीं हुई और शिकायत को भी बाहर नहीं आने दिया गया।पूर्व में पीएचडी संघर्ष मोर्चा बनाकर संघर्ष करने वाले और वर्तमान में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में परीक्षार्थी रहे समाजसेवी अतुल सिंह और दिव्य प्रकाश सिंह ने इसकी शिकायत ज्ञापन के माध्यम से कुलपति से की।
इस मौके पर अतुल सिंह ने कहा कि परीक्षा के दौरान हमें लगा था कि शिकायत इन कमरों से बाहर निकल कुलपति जी के पास तक पहुंचेगी लेकिन दुर्भाग्यवश यह शिकायत कमरे तक ही सिमट कर रह गई, और हमेशा की तरह से मामले को दबा दिया गया। इसलिए हम सभी ने निर्णय किया कि पूर्व की भांति हम सभी के साथ किसी भी प्रकार का धोखा न हो इसके लिए हमने एक ज्ञापन कुलपति को सौंपा है। जिसमे उनसे मांग की है कि संबंधित कमरों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए और पुनर्निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, यदि हम सभी के साथ विश्वविद्यालय ने न्याय नहीं किया तो पीएचडी संघर्ष मोर्चा पूर्व से भी बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी और जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी। संघर्ष ऐसा होगा कि विश्वविद्यालय के लिए नज़ीर बन जाएगा, कुलपति से साफ शब्दों में बता दिया गया है कि विश्वविद्यालय अपनी आदत से बाज आ जाए और अपनी व्यवस्थाओं में सुधार लाए।

दिव्य प्रकाश सिंह ने कहा कि बार-बार विश्वविद्यालय के द्वारा किया जा रहा यह छल हम सभी के मनोस्थिति पर गहरा आघात है, दिन रात मेहनत करने वाले बार-बार विश्वविद्यालय की परीक्षाएं दे रहे हैं और जुगाड़ वाले पीएचडी प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई कर जा रहे हैं, पूर्व में भी ऐसा हुआ और हम सभी ने जी-तोड़ संघर्ष किया था और इस बार भी अपने पुराने इतिहास को विश्वविद्यालय दोहराने जा रहा है और हम सभी ने निर्णय किया है कि आखिरी सांस तक इस बार ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। इस बार अगर ऐसा हुआ तो संघर्ष मोर्चा के साथ साथ बड़ी संख्या में छात्र आमरण अनशन पर बैठने के लिए विवश होंगे। उपरोक्त अवसर पर चंद्रपाल सिंह, बेचन सोनकर, सोनू यादव, अभय राज, पंकज यादव, विवेक, नितिन आदि लोग सम्मिलित रहे।
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