मस्जिद जन्नतुल फलाह में तरावीह के दौरान कुरआन मुकम्मल, रूहानी माहौल में हुई खास दुआ
जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
रमज़ानुल मुबारक की बरकतों के बीच जिले के गयासपुर नोनारी, मानीकलां स्थित मस्जिद जन्नतुल फलाह में तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरआन-ए-पाक मुकम्मल किया गया।इस अवसर पर मस्जिद का माहौल बेहद रूहानी और पुरनूर नजर आया,जहां बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने शिरकत कर अल्लाह तआला के हुज़ूर दुआएं कीं।

खास बात यह रही कि हाफिज डॉ. मोहम्मद अशरफ़ पिछले 12 वर्षों से लगातार इसी मस्जिद में तरावीह के दौरान कुरआन-ए-पाक सुनाने की सआदत हासिल कर रहे हैं। उनकी दिलनशीं और खूबसूरत तिलावत से नमाज़ियों के दिलों में कुरआन की मोहब्बत और ज्यादा बढ़ जाती है। इस मौके पर बयान करते हुए उन्होंने कहा कि कुरआन शरीफ अल्लाह की आखिरी किताब है, जो पूरी इंसानियत के लिए हिदायत और रहनुमाई का जरिया है। रमज़ान का महीना कुरआन से खास ताल्लुक रखता है, इसी महीने में कुरआन नाज़िल हुआ। इसलिए इस महीने में कुरआन की तिलावत और सुनने का सवाब भी बहुत ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि तरावीह की नमाज़ सुन्नत-ए-मुअक्कदा है और इसमें पूरा कुरआन सुनना और सुनाना मुसलमानों के लिए बड़ी नेमत और फजीलत की बात है।कुरआन मुकम्मल होने के बाद मस्जिद में खास दुआ कराई गई, जिसमें मुल्क में अमन-ओ-अमान, खुशहाली और पूरी उम्मत की भलाई के लिए अल्लाह से दुआ मांगी गई।इस मौके पर मोहम्मद दानिश, सलीम, रसीद, अबूशाद, अजीम, शाहिद, ताबिश समेत कई लोग मौजूद रहे और कुरआन मुकम्मल होने की खुशी में एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।


















