राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी पर दर्ज आचार संहिता उल्लंघन का केस वापस, सभी आरोपी दोषमुक्त
# सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में हाईकोर्ट की अनुमति के बाद कार्रवाई, 2017 का मामला
जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
भाजपा से जुड़ी राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी समेत 12 आरोपितों के खिलाफ वर्ष 2017 में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा वापस ले लिया गया है।एसीजेएम द्वितीय अनुज कुमार जौहर की अदालत ने अभियोजन पक्ष की अर्जी स्वीकार करते हुए सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया।यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 10 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में हुई,जिसके तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 22 जनवरी 2026 को मुकदमा वापस लेने की अनुमति दी थी।

इसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति मिलने पर अभियोजन अधिकारी ने धारा 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मुकदमा वापस लेने की अर्जी दी।सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि मुकदमे से समाज या राज्यहित पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा,इसलिए इसे वापस लेना उचित है।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जनहित और न्यायहित के दृष्टिगत तथा शासन के निर्देशों के अनुरुप अभियोजन की सफलता की संभावना नहीं है,ऐसे में मुकदमा वापस लेने की अर्जी स्वीकार की जाती है।

बताते चलें कि थाना पंवारा में 7 मार्च 2017 को हेड कांस्टेबल दीपचंद राम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था।आरोप था कि चुनाव के दौरान सीमा द्विवेदी को जिताने के लिए चार वाहनों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा था,जो आचार संहिता का उल्लंघन था।पुलिस ने मौके से 11 लोगों को हिरासत में लिया और बाद में सांसद समेत सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।मुकदमे की सुनवाई के दौरान चार गवाहों के बयान दर्ज हुए।जिरह में यह सामने आया कि घटनास्थल पर सीमा द्विवेदी मौजूद नहीं थीं।

साथ ही,आरोपितों के पास से कोई प्रचार सामग्री,जैसे पोस्टर,बैनर या झंडा आदि बरामद नहीं हुआ और न ही घटना की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी कराई गई थी। इन तथ्यों और उच्च न्यायालय की अनुमति के आधार पर अदालत ने सभी आरोपितों को आचार संहिता उल्लंघन के आरोप से बरी कर दिया।















