मौसम ने लिया करवट बारिश के लिए किसान हुए मायूस
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
मंगलवार सुबह की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई।भगवान भास्कर के दर्शन के साथ ही वातावरण में गर्मी का एहसास लोगों को हो रहा था, तभी दोपहर तक आसमान बादलों से घिर गया और तेज हवाओं के बीच हल्की बूंदा-बांदी देखने को मिली।एक बार तो किसानों के चेहरे खिल गए लेकिन थोड़ी ही देर बाद हवाओं की तेजी में कमी आने से बूंदाबांदी बंद हो गई और बारिश की आस लगाए किसान मायूस रह गए।

गौरतलब हो कि इन दिनों खेतों में रबी की फसलें विकास की तरफ है, किसान बारिश की आस लगाए बैठे हुए थे। इसी बीच मंगलवार दोपहर अचानक आसमान में बादल उठा और हल्की सी बूंदाबांदी शुरू हुई, लेकिन इसी के साथ ही तेज हवाओं के चलते किसानों की आस पर मानों पानी फिर गया। हालांकि बादलों और तेज हवाओं के बीच हुई बूंदाबांदी के चलते समूचा वातावरण एक बार नमी के आगोश में समा गया और लोगों में ठंड का असर फिर से भले ही महसूस होने लगा।

उधर स्कूल, कॉलेजों में सुबह के साफ मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों के बिना आए अधिकांश बच्चों और गुरूजनों को ठंड का सामना करना पड़ा।लेकिन खेती बाड़ी के लिए बारिश की आस लगाए किसान मायूस होकर बैठे रह गए।लालापुर निवासी सुरेश पाण्डेय ने कहा कि इस समय क्षेत्र के किसानों के लिए एक अच्छी बारिश की आवश्यकता है।जहां गेहूं के विकास के लिए अच्छी बरसात की आवश्यकता है, वहीं सरसों की अगेती फसल में माहूं का प्रकोप समाप्त हो जाता।








