मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 226 शादीशुदा युवतियां अपात्र घोषित
बागपत।
तहलका 24×7
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि सरकारी सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए आवेदन करने वाली 226 युवतियां पहले से ही शादीशुदा थीं।सत्यापन के दौरान मामला खुलने पर प्रशासन ने सभी को अपात्र घोषित कर दिया।जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इस पर कुल 435 आवेदन प्राप्त हुए।

आवेदन की सूची ब्लॉक स्तर पर भेजकर संबंधित ग्राम सचिवों से जांच कराई गई।जांच के दौरान पाया गया कि आवेदन करने वाली 226 युवतियों की पहले ही शादी हो चुकी है, जबकि उन्होंने आवेदन में खुद को अविवाहित दर्शाया था।जांच रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 50 से अधिक मामले बागपत शहर क्षेत्र से सामने आए हैं,जबकि बिनौली ब्लॉक में 26 युवतियां पहले से शादीशुदा पाई गईं।इसके बाद प्रशासन ने सभी को योजना के लिए अपात्र घोषित कर दिया।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक जोड़े की शादी पर करीब एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें 60 हजार रुपये सीधे युवती के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। वहीं लगभग 25 हजार रुपये से चांदी के जेवर, बर्तन, कपड़े व अन्य घरेलू सामान दिया जाता है।इसके अलावा करीब 15 हजार रुपये भोजन और टेंट आदि व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।योजना के नियमों के अनुसार यदि किसी युवती की पहले से शादी हो चुकी है तो वह सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने की पात्र नहीं होती।

ऐसे मामलों में आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में भी सामूहिक विवाह योजना में इसी तरह के फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं,जहां शादीशुदा युवक-युवतियां कथित तौर पर अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर योजना की धनराशि का लाभ लेने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी उठने लगी है।


















