जाम के झाम से जूझ रहा कस्बा, जिम्मेदार मौन

जाम के झाम से जूझ रहा कस्बा, जिम्मेदार मौन

# नालियों से पटरियों तक फैला अतिक्रमण, व्यवस्था  चरमराई

खेतासराय, जौनपुर। 
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7
             राष्ट्रीय राजमार्ग 135ए स्थित खेतासराय कस्बा इन दिनों अतिक्रमण और प्रशासनिक लापरवाही की मार झेल रहा है। कस्बे के बीचो-बीच गुजरने वाला मुख्य मार्ग सुबह होते ही अराजकता का ऐसा केंद्र बन जाता है, जहां ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाती है। नालियों के ऊपर दुकानों का फैलाव और पटरियों पर कब्जा किए ठेले-खोमचे रोजाना जाम का स्थायी कारण बने हुए हैं।सुबह से ही सड़क पर अवैध फुटपाथी दुकानें जम जाती हैं।
इसके बाद वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते हैं, पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता बचा नहीं रहता। मामूली कहासुनी कई बार झगड़े में बदल जाती है, लेकिन न पुलिस की सक्रियता दिखती है न नगर पंचायत के जिम्मेदार। स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वालों के लिए यह मार्ग किसी यातना से कम नहीं। दुकानों के सामने बाइकें रोककर खरीदारी करना आम बात है, जिससे सड़क का आधा हिस्सा हमेशा कब्जे में रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क अब राहगीरों की नहीं, बल्कि दुकानदारों की हो गई है।नगरवासियों का कहना है कि वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन न कभी बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चला न स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए गए। शिकायतें देने के बावजूद फाइलें धूल फांकती रहीं और समस्या गंभीर होती गई। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी ने हालात और भी बिगाड़ दिए हैं। सवारी के इंतजार में मुख्य सड़क पर ही वाहन खड़े कर देना आम दृश्य बन गया है।
न कोई तय स्टैंड, न किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई। शादी-विवाह के सीजन में तो जाम का संकट दो-गुना हो गया है। खरीदारी के लिए आए लोगों और बारातों के निकलने के बीच कस्बे में घंटों तक आवागमन बाधित रहता है।इस सम्बंध में अधिशाषी अधिकारी अलका मौर्या ने बताया कि कस्बे में माइक से सूचना देकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी जाएगी, नगर पंचायत इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
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