वीर सैनिक जेपी मिश्रा नहीं रहे, गांव में शोक की लहर
खुटहन, जौनपुर।
मुलायम सोनी
तहलका 24×7
क्षेत्र के नगवां गांव निवासी व भारतीय सेना में सेवाओं के दौरान भारत पाकिस्तान युद्ध में दुश्मनों का मुकाबला करने वाले 75 वर्षीय जेपी मिश्रा नहीं रहे। सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर दिया गया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र राजीव मिश्रा ने दिया। उनके निधन की खबर से गांव में शोक छा गया।

भारतीय सेना में सैनिक के पद पर रहते हुए उन्होंने वर्ष 1971 में पाकिस्तान युद्ध में दुश्मनों से मुकाबला किया था। वह गांव में इस युद्ध के विषय में लोगों से अक्सर चर्चाएं किया करते थे। परिजनों ने बताया कि गत शुक्रवार को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत पर एम्स में भर्ती कराया गया। जहां रविवार की रात हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। वे पत्नी शोभावती, बेटे राजीव, संजीव सहित भरापुरा परिवार छोड़ गए। परिजन परंपरागत क्रिया कर्म के लिए दिल्ली से गांव आ रहे हैं।








