30 तरह के मामलों में सीधे एफआईआर नहीं दर्ज करेगी यूपी पुलिस
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
उत्तर प्रदेश पुलिस अब दहेज समेत करीब 30 प्रकार के मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज नहीं करेगी। इस संबंध में डीजीपी ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।निर्देश में कहा गया है कि जिन कानूनों में केवल अदालत में परिवाद (कम्प्लेंट) दाखिल करने का प्रावधान है,उनमें थानों पर सीधे एफआईआर दर्ज करना कानूनी रूप से गलत है।

ऐसे मामलों में पहले सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल किया जाएगा, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।यह निर्णय हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद लिया गया है।अदालत ने टिप्पणी की थी कि पुलिस कई मामलों में नियमों के विपरीत एफआईआर दर्ज कर लेती है,जिससे जांच प्रभावित होती है और आरोपियों को तकनीकी आधार पर लाभ मिल जाता है।

डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि थाना प्रभारियों और विवेचकों को किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज करने से पहले संबंधित कानून का परीक्षण करना होगा कि उसमें एफआईआर का प्रावधान है या नहीं।जिन मामलों में सीधे एफआईआर के बजाय परिवाद का प्रावधान है, उनमें मानहानि, चेक बाउंस, घरेलू हिंसा, पशु क्रूरता, उपभोक्ता संरक्षण,खान एवं खनिज, व्यावसायिक विवाद, मेडिकल लापरवाही,भ्रष्टाचार, कॉपीराइट व पेटेंट उल्लंघन, आयकर/कर चोरी, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और विदेशी मुद्रा प्रबंधन से जुड़े मामले शामिल हैं।पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।


















