नहीं रहे महान लेग स्पिनर आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न

नहीं रहे महान लेग स्पिनर आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न

# बैंकाक में हार्ट अटैक से हुआ निधन, भारतीय क्रिकेटरों सहित दुनिया भर के खेल प्रेमियों में शोक की लहर

लखनऊ/बैंकाक।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
                  आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर 52 वर्षीय महान लेग स्पिनर शेन वार्न का निधन हो गया है। बताया गया है कि हार्ट अटैक से उनका निधन हुआ है। निधन के समय शेन वॉर्न थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में अपने विला में थे। अटैक की सूचना पर पहुंची डाक्टरों की टीम ने उन्हे बचाने का भरसक प्रयास किया। शेन वॉर्न के निधन की खबर से दुनिया भर के खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। शेन वॉर्न के निधन पर क्रिकेटर हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, वीवी लक्ष्मण, सुनील गावस्कर स्तब्ध होकर बोले कि विश्वास नहीं हो रहा कि महान क्रिकेटर इतनी जल्दी हमें छोड़कर चला गया।
पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने उनकी तस्वीर के साथ ट्वीट करते हुए लिखा, ‘यकीन नहीं कर सकता महान स्पिनरों में से एक, स्पिन को कूल बनाने वाले सुपरस्टार शेन वॉर्न नहीं रहे। उनके परिवार, दोस्तों, दुनिया भर में उनके फैंस के प्रति मेरी संवेदनाएं। ‘दिग्गज पेसर शोएब अख्तर ने लिखा, ‘अभी-अभी महान स्पिनर शेन वॉर्न के निधन की दुखद खबर मिली, मेरे पास शब्द नहीं हैं कि मैं कितना स्तब्ध और दुखी हूं। शेन वॉर्न की गिनती दुनिया के महान गेंदबाजों में होती है।
विक्टोरिया में 13 सितंबर 1969 को जन्मे वॉर्न ने अपने करियर में 145 टेस्ट, 194 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होने टेस्ट में 708 और वनडे फॉर्मेट में कुल 293 विकेट लिए। इसके अलावा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 1319 विकेट दर्ज हैं। शेन वॉर्न ने 1992 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद वह दूसरे गेंदबाज बने थे जिन्होंने 1000 अंतरराष्ट्रीय विकेट (टेस्ट और वनडे मैचों में) लिये। वॉर्न के 708 विकेट टेस्ट क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज द्वारा लिये गए सर्वाधिक विकेट थे, जब तक कि मुरलीधरन ने इससे ज्यादा विकेट नहीं ले लिये थे। शेन वॉर्न उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज भी थे। वह एकमात्र खिलाड़ी है जिन्होंने 3000+ टेस्ट रन बनाए लेकिन कभी शतक नहीं जड़ा। उनका करियर मैदान के बाहर विवादों से ग्रस्त रहा। शेन वॉर्न जनवरी 2007 में ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड पर 5-0 की द एशेज की जीत के अंत में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सेवानिवृत्त हुए।
उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के अभिन्न अंग में से तीन अन्य खिलाड़ी भी रिटायर हुए- ग्लेन मैक्ग्राथ, डेमियन मार्टिन और जस्टिन लैंगर। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपनी सेवानिवृत्ति के बाद वॉर्न ने हैम्पशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिये प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला। 2008 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई और टीम को जीत दिलाई। कुल मिलाकर उन्होंने 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैच खेलें थे जिसमें उन्होंने 25.41 की गेंदबाज़ी औसत से 708 विकेट लिये। 1993 से 2005 तक उन्होंने 194 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय में 293 विकेट लिये। 1999 क्रिकेट विश्व कप की विजेता टीम में उनका अहम योगदान था।
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