गाजीपुर : बरसात के लिए ग्रामीण पुराने टोटकों को आजमाने की तैयारी में..
# “काल कलौटी, उज्जर धोती, काले मेधा पानी दे अब” टोटकों की तैयारी में ग्रामीण
खानपुर।
अंकित मिश्रा
तहलका 24×7
आषाढ़ का पूरा महीना बीत गया लेकिन बरसात की आस पूरी नहीं हुई। मॉनसून का इंतजार कर रहे किसान अब इंद्रदेव को मनाने के पारंपरिक टोटकों और पूजा पाठ का सहारा लेने को मजबूर हैं। पहले गांव में महिलाएं वर्षा लाने के लिए खेतों में हल चलाती थी। ऐसा करने से बरसात होने लगती थी। आसमान में बादल भले ही उमड़ रहे है, लेकिन बारिश की आस लगाए किसानों की उम्मीदें पूरी नहीं हो रही है।धान की रोपाई चुके किसान वर्षात नहीं होने से चिंतित है। पहले की तरह गांव के बच्चों को लेकर “काल कलौटी, उज्जर धोती, काले मेघा पानी दे” की गीत गवाते हुए धूल में नहाने लोटने की परंपरा को पुनर्जीवित करना पड़ेगा।


















