इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि खेल भावनाओं के सम्मान से ही राष्ट्र के गौरव का निर्माण होता है। खिलाड़ी युवाओं के रोल मॉडल है, ऐसे में खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने की जरूरत है। सामाजिक जीवन में मनुष्य को जो पाठ शिक्षा नहीं सिखाती वह खेल का मैदान सिखाता है। खेल स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण करता है। पीएम की फिट इंडिया, खेलों इंडिया इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने परंपरागत खेलों को सिर्फ यादों और गांव तक कैद रहने पर चिंता जताई। साथ ही स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दिन हांकी के महान जादूगर ध्यान चंद्र की जयंती है, उनके लिए सम्मान प्रकट करने का दिन है। उन्होंने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उनके बचपन की कहानी सुनाई और कहा कि युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के अन्तर्गत भाषा की अनेकता में एकता को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विश्वविद्यालय में सेंटर आफ एक्सीलेंस भाषा की स्थापना की गयी है। अब तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 12 सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना हो चुकी है। उन्होंने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी गिनाई। कहा कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने 104 पदक पाया था, अब यह संख्या बढ़कर 121 हो गई है। खेलकूद परिषद के संयुक्त सचिव डॉ. विजय प्रताप तिवारी ने खेल गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।
जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल कानपुर की छात्रा अनुष्का दीक्षित ने हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हें जगाने आई हूं… सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।कुलपति ने कुलाधिपति को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल के साथ खिलाड़ियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों की ग्रुप फोटोग्राफी हुई। समारोह का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने और धन्यवाद ज्ञापन खेलकूद परिषद के अध्यक्ष प्रो.सुरेश कुमार पाठक ने किया।
इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, बबिता सिंह, दीपक सिंह, प्रो. बीबी तिवारी प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. वंदना राय, प्रो. रामनारायण, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ आलोक सिंह, डॉ विजय तिवारी, एनएसएस समन्वयक डॉ. राकेश यादव, डॉ मुहम्मद ताहा, डॉ. जगदेव, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, डॉ. अमित वत्स, रजनीश सिंह, डॉ. राजेश सिंह, अशोक सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, अरुण आदर्श सहित आदि लोग शामिल रहे।