जौनपुर : सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाई गई बाबा साहेब की जयन्ती

जौनपुर : सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाई गई बाबा साहेब की जयन्ती

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                भारतीय जनता पार्टी जौनपुर के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में बड़े धूमधाम से मनाई। सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री भाजपा एव कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक ने समाजिक समरसता दिवस के अंर्तगत डॉ भीमराव अंबेडकर के जयन्ती के अवसर पर लाइन बाजार स्थित आईएमए भवन भाजयुमो द्वारा आयोजित रक्तदान कार्यक्रम का फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष दिव्यांशु सिंह और दीपांशु उपाध्याय ने रक्तदान का शुभारंभ किया तदुपरांत भाजयुमो के सैकड़ो कार्यकर्ता ने रक्तदान किया। तत्पश्चात अम्बेडकर तिराहा स्थित बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। माल्यार्पण के उपरांत पुष्पदीप उत्सव स्थल के प्रांगण में माइक्रो डोनेशन के कार्यक्रम में भाग लिये। उसके बाद भाजपा जौनपुर द्वारा आयोजित संगोष्ठी में भाग लिये। संगोष्ठी कार्यक्रम में सर्वप्रथम पण्डित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एव डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

संगोष्ठी में उपस्थित कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि सुब्रत पाठक ने कहा कि बाबा साहब ने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों से समाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का भी समर्थन किया था। डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों के भारत का निर्माण तभी संभव है जब हमारे और आपके जैसे युवा समाज में जात-पात, ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी के दूरी को समाप्त करने में भुमिका निभाएंगे। बाबा साहेब ने पूरे मानव समाज में एकता एवं समानता स्थापित करने का प्रयास किया। उन्होंने भारतीय संविधान लिखकर सभी मानव को हक और अधिकार दिलाया। हम सभी को बाबा साहब के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।

उनके जीवन पर विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि डॉ भीम राव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को ब्रिटिशो द्वारा केन्द्रीय प्रान्त (अब मध्यप्रदेश में) के एक छोटे से गांव मऊ में हुआ था। इनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का भीमाबाई था। डॉ अम्बेडकर अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान के रूप में जन्में थे। अम्बेडकर के पूर्वज लंबे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत थे और उनके पिता, भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवा में कार्य करते थे और यहां काम करते हुये वो सूबेदार के पद प्राप्त कर लिया था। उन्होंने मराठी और अंग्रेजी में औपचारिक शिक्षा की डिग्री प्राप्त की थी। उन्होने अपने बच्चों को स्कूल में पढने और कड़ी मेहनत करने के लिये हमेशा प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम को पुर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशु, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय, सुरेन्द्र सिंघानिया, अनुसूचित मोर्चा की जिलाध्यक्ष अजय सरोज, अनुसूचित जन जाति के जिलाध्यक्ष सुरेश धुरिया ने सम्बोधित किया। जिलाध्यक्ष ने बाबा साहेब के जीवन पर विस्तार से चर्चा की और आये हुए अतिथियों का स्वागत अभिनंदन और आभार व्यक्त करते हुये कार्यक्रम की समाप्ति को घोषणा की।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सुनील तिवारी ने की। उक्त अवसर पर पीयूष गुप्ता, अमित श्रीवास्तव, राकेश वर्मा, संदीप सरोज, जिला मंत्री राजू दादा, उमाशंकर सिंह, अभय राय, राज पटेल, अवधेश यादव, प्रमोद यादव, नीरज सिंह, आमोद सिंह, विपिन द्विवेदी, विनीत शुक्ला, सिद्दार्थ राय, रोहन सिंह, नरेंद्र उपाध्याय, रागिनी सिंह, अनिल गुप्ता, दिव्यांशु सिंह, मेराज हैदर, श्रीकृष्ण पाण्डेय बड़कऊ, नंदलाल यादव, इन्द्रसेन सिंह, प्रमोद प्रजापति, संजीव गुप्ता, अवनीश यादव, बटेश्वर सिंह, मनीष त्रिपाठी, विनय सिंह, जितेंद्र सिंह, आशीष गुप्ता, ब्रह्मेश शुक्ला, राहुल दुबे, रविकांत सिंह, घनश्याम यादव, नीरज मौर्या, सतीश खरवार, समस्त मण्डल गण सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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