मुहर्रम और यौमे आशूरा के महत्व पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
# वर्षा की कामना में अदा की गई नमाज़-ए-इस्तिस्का
शाहगंज,जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
क्षेत्र के असरहटा गांव स्थित मौलाना आज़ाद शैक्षणिक केंद्र के अंतर्गत संचालित इदारा उलूम-ए-इस्लामिया की मस्जिद कुव्वतुल इस्लाम में “मुहर्रम तथा यौमे आशूरा का महत्व और उसकी विशेषताएँ” विषय पर एक शैक्षणिक एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन-ए-पाक के तिलावत से हुई।

इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों ने नात,कविता तथा हिंदी,उर्दू और अरबी भाषाओं में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत कर मुहर्रम और यौमे आशूरा के ऐतिहासिक,धार्मिक एवं नैतिक महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और करबला के संदेश को मानवता,त्याग,सत्य एवं न्याय की स्थापना का प्रतीक बताया।कार्यक्रम के उपरांत मिर्ज़ा अनवर बेग इंटर कॉलेज परिसर में वर्षा की कामना के लिए नमाज़-ए-इस्तिस्का अदा की गई।

नमाज़ की इमामत मदरसा के अध्यापक मौलाना मुहम्मद तैय्यब क़ासमी ने की।नमाज़ के बाद देश,समाज और क्षेत्र में अच्छी वर्षा तथा खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।इस अवसर पर संस्थान एवं कॉलेज के शिक्षक,कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मुहर्रम और यौमे आशूरा की शिक्षाओं से अवगत कराना,सामाजिक एवं धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरुक करना रहा।


















