चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप,अधिवक्ता समिति ने सौंपा ज्ञापन
शाहगंज,जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
चकबंदी कार्यालय में लंबे समय से व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ता समिति ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।समिति ने आरोप लगाया कि विभाग में बिना सुविधा शुल्क कोई कार्य नहीं किया जा रहा है,जिससे वादकारियों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञापन में कहा गया कि चकबंदी अधिकारी के कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है।

कर्मचारियों द्वारा खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से एक ही स्थान पर तैनाती के कारण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में 17 अप्रैल को बैठक कर समस्या पर चर्चा की गई थी, जिसमें निर्णय लिया गया कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो चकबंदी न्यायालय के कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।

इसके अलावा अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष के पास फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।समिति ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण की मांग की है।अधिवक्ताओं का कहना है कि जनहित में चकबंदी कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार अत्यंत आवश्यक है,अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।

बताते चलें कि पूर्व में अधिवक्ताओं द्वारा कार्यालय में लम्बे समय से तैनात महिला की उच्चाधिकारियों से शिकायत कर जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई थी। जिसके बाद महिला कर्मचारी की तरफ से कथित कस्टम अधिकारी बनकर अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष को फोन करके शिकायत वापस न लेने पर मारने पीटने की धमकी दी गई।जिसपर सोमवार को अधिवक्ताओं में खासा उबाल देखा गया।

















