बेटे की चिता की राख ठंडी नहीं हुई कि पिता ने तोड़ा दम

बेटे की चिता की राख ठंडी नहीं हुई कि पिता ने तोड़ा दम

सुइथाकला, जौनपुर। 
राजेश चौबे
तहलका 24×7
            क्षेत्र के पिपरौल गांव में मातम का ऐसा मंजर छाया कि हर किसी की आंखें नम हो गईं। महज चौबीस घंटे के भीतर एक ही परिवार ने बेटे और पिता दोनों को खो दिया। बेटे की चिता की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि पिता ने गमगीन माहौल में अंतिम सांस ले ली।
गांव निवासी प्रमोद सिंह जो लोहा कटिंग मशीन चलाते थे, रविवार को प्रयागराज में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा, जिसके बाद सोमवार शाम इब्राहिमपुर घाट पर बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।बेटे के असमय निधन से परिवार पहले ही गहरे सदमे में था कि अगले ही दिन मंगलवार को प्रमोद के 95 वर्षीय पिता वंशराज सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वंशराज लंबे समय से अस्वस्थ थे, लेकिन बेटे की मौत का गम सह नहीं पाए।
मां प्रभावती सिंह पहले ही बेटे की मौत से टूट चुकी थीं, वहीं पति की मौत ने उन्हें पूरी तरह बेसुध कर दिया। दो दिनों के अंदर परिवार से दो अर्थियां उठने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई यही कह रहा है कि इस दुखद घटना ने परिवार पर मानो पहाड़ तोड़ दिया है।
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