सुल्तानपुर : देश का नुकसान इतिहास की गलत व्याख्या से हुआ- प्रो. डीपी दूबे
# राणा प्रताप पीजी कालेज में बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यान माला का हुआ उद्घाटन
सुल्तानपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
“ऐतिहासिक साक्ष्यों की गलत व्याख्या ने भारत के प्राचीन इतिहास का बड़ा नुकसान किया है। देश की सभ्यता और संस्कृति को बदनाम करने में दूषित मानसिकता वाले इतिहासकारों का बड़ा योगदान है।” उक्त बातें प्रख्यात इतिहासकार व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डीपी दूबे ने कहीं।वे राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यानमाला’ के उद्घाटन अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे।

‘नये साक्ष्यों के आलोक में इतिहास का पुनर्लेखन’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डीपी दूबे ने कहा कि प्राचीन इतिहास के विद्यार्थियों को अभी भी साठ साल पुरानी सामग्री पढ़ाई जा रही है। इसके कारण इतिहास की नवीनतम जानकारी विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रही है। उत्तर भारत में लिपिशास्त्र और अभिलेख शास्त्र के जानकार बहुत कम हो गये हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जो देश अपना इतिहास भूल जाता है उसका भूगोल भी बदल जाता है। इतिहास के झरोखे से किसी भी राष्ट्र का विकास किया जा सकता है।



















