स्वस्थ भारत मिशन को गांवों में  जिम्मेदार दिखा रहे आइना

स्वस्थ भारत मिशन को गांवों में  जिम्मेदार दिखा रहे आइना

# भेला में तीन दिनों से मृत पड़े नीलगाय के दुर्गंध से ग्रामीणों में संक्रमण का खतरा

सुइथाकला, जौनपुर। 
राजेश चौबे 
तहलका 24×7 
              प्राथमिकता के तौर पर केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा भले ही स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत का सपना पाले स्वच्छता अभियान में स्लोगन जारी किया गया, जिसमें करोड़ों रुपए स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर पानी की तरह बहाया जा रहा है।लेकिन सुइथाकला के ग्राम पंचायतों में जिम्मेदारों द्वारा स्लोगन को आइना दिखाने में जरा भी कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है।ग्राम पंचायतों में सचिवालय से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर हो रही दुर्दशा लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रामभरोसे है।
हां एक बात अवश्य दिखने को मिलती है कि यदा-कदा किसी माननीय या उच्चाधिकारियों के दौरे की भनक लगते ही जिम्मेदार को हरकत में आना देखा जाता है और अभियान चलाकर दर्जनों की संख्या में सफाईकर्मियों को लगाकर व्यवस्था चाक चौबंद करा दी जाती है।वरना आम लोगों के लिए तो सभी पहलवान ही नजर आते हैं।अभी ताजा मामला क्षेत्र के भेला गांव से प्रकाश में आया है,जहां आबादी के बीच तीन दिन से मृत पड़े नीलगाय की दुर्गंध से ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों में संक्रमण को लेकर खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी संदीप मिश्रा ने बताया कि इस बाबत जब ग्राम विकास अधिकारी से वार्ता की गई तो उन्होंने दिखवा लेने की बात कहकर मामले को गंभीरता से नहीं लिया, वहीं खण्ड विकास अधिकारी ने फोन तक रिसीव नहीं किया। थक हार कर ग्रामीण द्वारा वन विभाग के जिम्मेदार से संपर्क साधा गया तो उन्होंने लोगों से ही सहयोग की अपेक्षा की। वहीं सफाई का जिम्मा लिए जिम्मेदार के विषय में बताया कि हजारों रुपए मानदेय को डकारने वाले का दर्शन तक ही नहीं हो पाता, सफाई को कौन कहे?
अब ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि स्वच्छता अभियान को भले ही केंद्र और प्रदेश सरकार प्राथमिकता के तौर पर देख रही हो, पर स्थानीय स्तर पर मामला ठंडे बस्ते में ही डालते देखा जा रहा है।जमीनी स्तर पर क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के अधिकांश जगहों पर ग्राम सचिवालय से लेकर विद्यालय तक, सड़क व नालियों से लेकर शौचालयों तक की साफ-सफाई बेपटरी हुई है। सड़कों की पटरियां जहां गंदगी से पटी हुई हैं,वहीं नालियां भी जाम ही हैं।
कहीं कहीं नालियों का गंदा पानी सड़कों और खडंजों पर बहता हुआ देखा जा सकता है।बहरहाल स्वच्छता को लेकर क्षेत्र के तमाम जगहों की उक्त समस्या आम बात है,लेकिन वर्तमान में मृत पड़े नीलगाय के दुर्गंध से भेला गांव के ग्रामीण संक्रमण के खतरे को लेकर भयजदा हैं।वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारान मूकदर्शक बन स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत को आइना दिखाने में पड़े हुए हैं।
Previous article35 हजार नकदी व गहनों के साथ चोरी के दो आरोपित गिरफ्तार
Next articleनट-मुसहर समुदाय में रैली निकालकर दिया अधिकारों का संदेश
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?