इस रक्षाबंधन पर पूरे दिन रहेगा भद्रा का साया, रात्रि 8:25 बजे के बाद शुभ मुहूर्त
स्पेशल डेस्क। रवि शंकर वर्मा तहलका 24×7 इस बार रक्षाबंधन पर 11 अगस्त को दिन भर भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने का मुहूर्त नहीं है। रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल होने पर राखी नहीं बांधी जाती है। भद्रा काल को अशुभ माना गया है। 11 अगस्त को रात 8:25 बजे के बाद शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है। इसी मुहूर्त में बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह बड़े त्योहारों में से एक होता है। पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इसे राखी और राखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक होता है। इस पर्व पर बहनें अपने भाई के माथे पर टीका और आरती उतारते हुए कलाई पर राखी बांधती हैं। राखी बांधते समय बहनें भगवान से भाइयों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, धन, वैभव की कामना करती हैं। बहन के राखी बांधने के बदले में भाई उसे उपहार देने के साथ ही जीवन भर रक्षा का वचन देता है। रक्षाबंधन के पर्व को लेकर शहर समेत ग्रामीण अंचल के बाजार सज गए हैं। शहर में जगह-जगह राखी के स्टॉल लगाए गए हैं। बहनें मनपसंद राखी खरीद रही हैं। हनुमानगढ़ी के पुजारी पं. रमाकांत पांडेय ने बताया कि भद्राकाल का समय अशुभ होता है। भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए।
कथा व्यास बृजेशाचार्य महराज ने बताया कि वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक 11 अगस्त को सुबह 9:35 से रात्रि 8:25 बजे तक भद्राकाल का साया रहेगा। इस अवधि में राखी नहीं बांधी जा सकती है। रात 8:25 बजे के बाद से दूसरे दिन 12 अगस्त को सुबह 7:16 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त हैं। इसी समय बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
# 12 अगस्त को रक्षाबंधन मनाना बेहद शुभ
इस साल सावन मास की पूर्णिमा 11 अगस्त को 10 बजकर 39 मिनट पर शुरू हो रही है। इसी समय से भद्रा भी लग रही है जो रात 08 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी। 11 अगस्त को प्रदोष काल में शाम 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक के बीच रक्षा सूत्र बंधवा सकते हैं। इसके बाद भद्रा समाप्त होने पर रात 08 बजकर 54 मिनट से रात 09 बजकर 49 मिनट तक राखी बांध सकते हैं। लेकिन हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार,सूर्यास्त के बाद राखी बांधना वर्जित है। इस कारण से 12 अगस्त को राखी का त्योहार शुभ माना जा रहा है। बेहतर होगा कि रक्षा बंधन 12 अगस्त को सुबह-सुबह 7 बजे से पहले मनाया जाए। क्योंकि 12 अगस्त को पूर्णिमा तिथि भी होगी और भद्रा भी नहीं रहेगा।