गाजीपुर : सीएमओ की नाक के नीचे फल-फूल रहा है झोलाछाप डाक्टरों का साम्राज्य
# बगैर डिग्री- बगैर अनुभव के खोल रखी है दुकान, ग्रामीण हैं हलकान
खानपुर।
अंकित मिश्रा
तहलका 24×7
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार की समुचित व्यवस्था न हो पाने के कारण ग्रामीण झोलाछाप डाक्टरों के पास जाने के लिए मजबूर रहते हैं और अपनी जान जोखिम में डालने के लिए विवश हैं। क्षेत्र के हर गली मुहल्ले में बिना लाइसेंस के ऐसे दर्जनों झोलाछाप डाक्टर आला अधिकारियों के संरक्षण में अपनी दुकान चला रहे जिन्हें उपचार का ककहरा भी नहीं मालूम है।
सबसे हैरानी की बात तो यह है कि जो छात्र अभी डी-फार्मा का कोर्स कर रहे हैं या इंटर किए वो भी मरीजों का धड़ल्ले से आपरेशन और इलाज़ कर रहे हैं, और मरीज को गंभीर होने पर अपना कमीशन रख कर दूसरे डाक्टरों के पास रेफर कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला तड़वा थाना क्षेत्र का है जहाँ पर मानक विहिन प्रीतम फार्मा क्लीनिक के नाम से डॉ एके बिंद अपनी दुकान खोल कर पिछले छ: महीने से क्षेत्रवासियों का इलाज कर रहे हैं। इस संबंध में क्लीनिक के संचालक अजीत कुमार बिंद से जानकारी ली गई तो उनका सीधा सा जवाब मिला कि कुछ दिनों में लाइसेंस जारी हो जाएगा तब तक ऐसे ही चला रहे हैं। ऐसी क्लीनिकों की संख्या एक दो नहीं बल्कि दर्जनों है जो बिना किसी भय के संचालित हो रही हैं।

















