ग्यारह सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षणेतर कर्मचारियों का धरना, डीआईओएस को सौंपा ज्ञापन
जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेतर कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया।जिलाध्यक्ष नीरज सिंह के नेतृत्व में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि शिक्षणेतर कर्मचारी विद्यालयों में शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं,लेकिन कैशलेस चिकित्सा सुविधा समेत कई मामलों में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पांच सितंबर 2025 को सरकार ने शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी,लेकिन चार फरवरी 2026 के शासनादेश में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 और 2025 में शासन स्तर पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक शासनादेश जारी नहीं किया गया। मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा।धरने के बाद जिलाध्यक्ष नीरज सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र सिंह पटेल को सौंपा।

ज्ञापन में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने,पुरानी पेंशन बहाल करने,300 दिन के अवकाश का नकदीकरण,शिक्षक पद पर पदोन्नति,प्रबंध समिति में प्रतिनिधित्व,सीसीसी की बाध्यता समाप्त करने,वेतन संबंधी विसंगतियां दूर करने,रोके गए भत्तों की बहाली और नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने समेत 11 मांगें शामिल रहीं।इस मौके पर संरक्षक दिनेश कुमार सिंह, पंकज सिंह,उमेश दूबे,विजय बागी,सोनू सिंह,संतोष यादव,सुमन सिंह,मोनू सिंह,चंदन सिंह,आलोक सिंह, अमित सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।


















