जौनपुर : सूर्य नमस्कार के साथ योग साधकों ने मनाया गणतंत्र दिवस
शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
26 जनवरी सन् 1950 को जब हमारे देश में अपना संविधान लागू हुआ सही मायने में हम तभी अंग्रेजी हुकूमत से आज़ाद हुए और पूरे देश में जश्न मनाया गया था मगर क्या कभी हमने सोचा कि यह आजादी हमें कितनी कुर्बानियों के बाद मिली थी, कितनी माताओं ने, कितनी बहनों ने, कितने बच्चों ने, अपनों की बलि इस आजादी की बलि बेदी पर दी थी? कुछ नाम तो हमें याद हैं जिन्होंने अपनी जान इस बलि बेदी पर हंसते हंसते न्योछावर कर दी मगर ऐसे हजारों, लाखों लोग थे जिन्होंने अपनी कुर्बानी तो दी मगर उन्हें इतिहास के पन्नों में जगह तक नहीं मिली, मगर वे लोग हर भारतीय के दिलों में आज भी जिंदा है और आनेवाली पीढ़ियों में भी जिंदा रहेगें उक्त बातें लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित प्राइमरी पाठशाला में ध्वजारोहण के पश्चात् पतंजलि योगपीठ शाहगंज इकाई के अध्यक्ष और राजदेई सिंह महिला महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कही।



















