नाग पंचमी पर गूंजा बिरहा: दो दशक पुरानी परम्परा को बेटे बढ़ा रहे आगे

नाग पंचमी पर गूंजा बिरहा: दो दशक पुरानी परम्परा को बेटे बढ़ा रहे आगे

खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार 
तहलका 24×7 
             नाग पंचमी के पावन पर्व पर धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। खुटहन मुख्य मार्ग स्थित दुर्गा मन्दिर परिसर में लगभग दो दशक से चली आ रही बिरहा मुकाबले की परम्परा इस वर्ष भी पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ जारी रही।सुबह से ही मन्दिर परिसर में श्रोताओं की भीड़ जुटने लगी और देर शाम तक बिरहा की तान पर पूरा माहौल गूंजता रहा।
कार्यक्रम में गाजीपुर की चर्चित गायिका चंचल यादव ने अपनी भक्ति एवं लोक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।वहीं आजमगढ़ के मिशन गायक एवं जिला पंचायत सदस्य सुनील कुमार रंजन ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से धार्मिक वातावरण में लोक संस्कृति की मिठास घोल दी।दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं।कभी भक्ति गीतों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए तो कभी बिरहा की सवाल-जवाब शैली पर श्रोता तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम शाम सात बजे तक चलता रहा।इस दौरान आसपास गांवों के साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग बिरहा सुनने पहुंचे।बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।मन्दिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और बिरहा की गूंज ने नाग पंचमी के पर्व को लोक संस्कृति के रंग में और भी यादगार बना दिया।

# पिता की परम्परा को बेटे ने बनाया संकल्प

आयोजन की सबसे भावुक बात यह रही कि यह महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि एक पिता की यादों और बेटे के संकल्प से जुड़ी परम्परा है।आयोजक राहुल यादव ने बताया कि उनके पिता स्व.राघव राम यादव लगभग दो दशक से अधिक समय तक नाग पंचमी के अवसर पर बिरहा कार्यक्रम का आयोजन कराते रहे। उनके निधन के बाद भी उनकी स्मृतियों को जीवंत रखने और उनके द्वारा शुरु की गई परम्परा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
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