न्यायालय का सख्त रुख: मुआवजा न देने पर दो बीमा कंपनियों के खिलाफ 1.28 करोड़ रुपये की आरसी जारी
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
सड़क दुर्घटना में अपने परिजनों को खो चुके पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में जौनपुर की अदालत ने बड़ा कदम उठाया है।मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान न करने पर दो प्रमुख बीमा कंपनियों के खिलाफ कुल 1.28 करोड़ रुपये की आरसी जारी कर दी है।अब इस धनराशि की वसूली जिला प्रशासन के माध्यम से की जाएगी।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश मनोज कुमार अग्रवाल ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा नहीं दिया गया।इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकरण ने द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध कुल 1.28 करोड़ रुपये की आरसी जारी करने का आदेश दिया।अदालत के आदेश के अनुसार अब डीएम के माध्यम से दोनों बीमा कंपनियों से राजस्व वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

यदि निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो नियमानुसार आगे की कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।अदालत के इस आदेश को पीड़ित परिवारों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।साथ ही यह संदेश भी गया है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वाले पक्षों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


















