राम मंदिर दान विवाद: एसआईटी के सामने पहुंचे संजय सिंह,सौंपे दस्तावेज,लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ/अयोध्या।
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राम मंदिर दान एवं कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गुरुवार को नया मोड़ तब आया जब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह विशेष जांच दल के समक्ष पेश हुए और अपने पास मौजूद दस्तावेज जांच टीम को सौंप दिए। इसके साथ ही उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े भूमि खरीद और दान राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं जो कथित भूमि खरीद घोटाले, दान राशि के दुरुपयोग और चढ़ावे से जुड़े विवादों की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।उन्होंने दावा किया कि एसआईटी प्रमुख एवं लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने स्वयं उन्हें जांच में सहयोग के लिए बुलाया था।सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज जांच दल को सौंप दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब आगे क्या कार्रवाई होगी,यह “भगवान राम ही जानते हैं।”

साथ ही आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ भूमि सौदों में करोड़ों रुपये की अनियमितता हुई है,जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी ने हाल ही में अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।जांच टीम ने अयोध्या में कई दिनों तक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज,दान गणना प्रक्रिया,बैंक जमा व्यवस्था तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पड़ताल की थी।सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान लगभग 150 संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं और करीब 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई गई थी।

इसी बीच एसआईटी की जांच के आधार पर दान राशि और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।आरोपियों पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात,धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लगाई गई हैं।संजय सिंह और आम आदमी पार्टी लगातार यह मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।दूसरी ओर,ट्रस्ट और प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच प्रक्रिया जारी है और तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


















