बादल फटने से सहमा हिमाचल, कुल्लू में तीन लोग लापता, धर्मशाला में बहे कई श्रमिक
शिमला।
तहलका 24×7
मानसून सीजन में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से हिमाचल सहम जाता है। दो साल पहले सदी की सबसे पीड़ादायक बरसात ने हिमाचल में 509 अनमोल जीवन छीन लिए थे, तब 9712 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान हुआ था। इस साल भी जून महीने में आखिरी सप्ताह अपने साथ दु:ख की बारिश लेकर आया है। कुल्लू के जीवा नाले में बादल फटने की घटना हुई है, यहां दो से तीन लोग बारिश में बह गए हैं और लापता हैं।

धर्मशाला में भी एक हाइडल प्रोजेक्ट में काम करने वाले 15 से अधिक श्रमिकों के बहने की आशंका है। मनूणी खड्ड में अचानक पानी बढ़ने से ये हादसा हुआ है। धर्मशाला के एमएलए सुधीर शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पन्ने पर ये जानकारी सांझा की। डीसी कांगड़ा ने भी हादसे की पुष्टि की है। समाचार लिखे जाने तक दो शव बरामद हुए हैं, जो प्रवासी श्रमिकों के बताए जा रहे हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय सभी श्रमिक टीन के शेड में मौजूद थे। धर्मशाला के खनियारा में सौकणी का कोट इलाके में इंदिरा प्रियदर्शनी हाइडल प्रोजेक्ट स्थित है, इसी प्रोजेक्ट के श्रमिक बह गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व आदपा प्रबंधन की टीमें मौके पर हैं और बचाव कार्य में जुटी हैं।

बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण तबाही हुई। कुल्लू जिला में कई स्थानों पर बादल फटे, कुल्लू के जीवा नाले में तीन लोगों के बहने की खबर है।जिला प्रशासन की तरफ से जारी रिपोर्ट में चार मकानों के ध्वस्त होने की सूचना है। इसके अलावा बंजार, सैंज, कसोल, तीर्थन घाटी में भी व्यापक तबाही हुई है। कई गाड़ियां बह गई, खड्डों के पानी में सैंकड़ों पेड़ बहते देखे गए। मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।

















