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Saturday, December 6, 2025

बुलंदशहर हिंसा में भाजपा नेता समेत 38 दोषी

बुलंदशहर हिंसा में भाजपा नेता समेत 38 दोषी

# इंस्पेक्टर समेत 2 की हुई थी हत्या, फूंकी थी पुलिस चौकी

बुलंदशहर।
तहलका 24×7
               जिले के स्याना हिंसा में कोर्ट ने 38 आरोपियों को दोषी करार दिया।एक अगस्त को सजा का ऐलान किया जाएगा।महाव गांव के जंगल में गौवंश के अवशेष मिलने पर बजरंग दल और स्थानीय लोगों ने हंगामा किया था।इसके बाद हिंसा भड़क गई, जिसमें स्याना कोतवाली प्रभारी समेत एक युवक की हत्या कर दी गई थी।7 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।इस दौरान दो थानों की फोर्स तैनात रही।एडीजे 12 न्यायमूर्ति गोपाल की कोर्ट में फैसला सुनाया गया।
मामले में पुलिस ने बलवाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।मुकदमे के दौरान पांच आरोपियों की स्वभाविक मौत हो चुकी है, वहीं अधिकांश आरोपी जेल में हैं। जबकि मुख्य आरोपी समेत कुछ लोग जमानत पर बाहर चल रहे हैं।साल 2018 में 3 दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी क्षेत्र के महाव गांव के जंगल में गौवंश के अवशेष मिले। बजरंग दल और स्थानीय लोग इसके विरोध में हंगामा कर रहे थे।आक्रोशित भीड़ स्याना रोड पर जाम लगाना चाहती थी, इसी दौरान इस्लामिक इज्तिमा की भीड़ भी वहां से गुजरने वाली थी।
पुलिस आक्रोशित लोगों को रोकने लगी। कुछ ही देर में पुलिस पर पथराव शुरु हो गया, फायरिंग हुई। स्याना कोतवाली के प्रभारी सुबोध कुमार सिंह और बवाल में शामिल युवक सुमित की हत्या कर दी गई। कोतवाली में आग लगा दी गई, पुलिस चौकी भी फूंक दी गई। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था।हिंसा के बाद कोतवाली में तैनात एसआई सुभाष सिंह ने तहरीर दी, जिसमें चिंगरावठी के रहने वाले जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
इसके अलावा 29 लोगों को नामजद करने के साथ हिंसा फैलाने के आरोप में 60 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं गौकशी के आरोप में भी 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस की चार्जशीट में इस मामले में 44 लोग ही आरोपी मिले।बाकी 16 लोगों के खिलाफ सबूत नहीं मिले। लिहाजा केस से उनके नाम हटा दिए गए थे।तत्कालीन चिगरावठी चौकी प्रभारी प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि योगेश राज को कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है।
हिंसा में शहीद कोतवाल सुबोध कुमार का लाइसेंसी रिवॉल्वर गुम हो गया था। इसका पुलिस आज तक पता नहीं लगा सकी।इसमें आरोपी प्रशांत नट को पुलिस ने रिमांड पर भी लिया था, उसने कबूल भी किया था कि उसने सर्विस रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उसने नहर में फेंक दिया।काफी प्रयास के बावजूद पुलिस इसे अभी तक बरामद नहीं कर पाई।आरोपियों के वकील संजय शर्मा ने बताया कि सभी आरोपी कोर्ट की कस्टडी में ले लिए गए हैं। फैसले से वे संतुष्ट नहीं है।फाइनल डिसीजन आने के बाद वे हाईकोर्ट जाएंगे।
वहीं दूसरी शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह राघव ने बताया कि 38 लोगों के खिलाफ आरोप सिद्ध हो चुके हैं। सभी को कस्टडी में लेकर जिला कारागार भेज दिया है। एक आरोपी को जुवेनाइल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। पांच आरोपियों के खिलाफ 302 के तहत चार्जशीट आई थी। इनमें प्रशांत नट, डेविड, राहुल, जॉनी, लोकेंद्र को दोषी पाया गया है, अन्य को दूसरी धाराओं में दोषी करार दिया गया है। शिखर अग्रवाल समेत जिनके खिलाफ भी चार्जशीट आई थी, सभी को दोषी करार दिया गया था।

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