विचार मंथन महिला दिवस पर प्रियंका मिश्रा की नवीन कृति By Tahalka24x7 - March 8, 2022 महिला दिवस पर प्रियंका मिश्रा की नवीन कृति ”स्त्री हूँ मैं” सृष्टि की अद्भुत कृति हां.. स्त्री हूँ मैं, युगों- युगों से शोषित कर अपने अस्तित्व के चिन्हित अपने कर्तव्य पथ पर अडिग हूँ मैं, हां.. स्त्री हूँ मैं, मां अहिल्या नहीं मैं सोता स्वयं सिद्धा स्वयं हूँ मैं, ना मैं शापित, ना मैं शोषित गर्व हूँ अभिमान हूँ मैं, हां.. स्त्री हूँ मैं, प्रकृति का श्रृंगार हूँ जीवन की लयताल हूँ मैं, हरे निराशा की विरलता मृदुल सी झंकार हूँ मैं हां.. स्त्री हूँ मैं लेखिका- प्रियंका मिश्रा (प्रवक्ता) ओपीएम पीजी कॉलेज फूलेश जनपद आजमगढ़