सरकार की लुटिया डुबोने को आतुर पशु हेल्पलाइन 1962

सरकार की लुटिया डुबोने को आतुर पशु हेल्पलाइन 1962

# रहस्यमय बिमारी को लेकर पशुपालक द्वारा फोन करने पर जौनपुर को बताया क्षेत्र से बाहर

सुइथाकला, जौनपुर। 
राजेश चौबे
तहलका 24×7
              किसानों और पशुपालकों के लिए वरदान स्वरुप दिया गया प्रदेश सरकार द्वारा पशु हेल्पलाइन नंबर 1962 इन दिनों प्रदेश सरकार की लुटिया डुबोने को तत्पर है।पशुपालक द्वारा फोन करने पर मामले की गंभीरता को नजरंदाज करते हुए जौनपुर को क्षेत्र से बाहर होना बताया गया।हालांकि इस बाबत पशुपालक द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत की गई है।मामला क्षेत्र के संसारपट्टी का है।
गांव निवासी अजय कुमार सिंह का आठ माह का बछड़ा विगत चार दिनों गोल चकत्तेदार रहस्मयी बिमारी से पीड़ित है। पशुपालक श्री सिंह इधर उधर दौड़ धूप लगाने के बाद सरकार द्वारा जारी विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क साधा तो बताया कि काफी समय तक उक्त नंबर पर सम्पर्क नहीं हो सका, जब हुआ भी तो हेल्पलाइन नंबर को रिसीव करने वाले द्वारा जनपद जौनपुर को इस क्षेत्र से बाहर बताते हुए कोई अन्य टोल फ्री नंबर पर बात करने का सुझाव दिया गया। मायूस होकर पशुपालक सीवीओ जौनपुर से संपर्क साधा जहां से पशुपालक को पट्टीनरेंद्रपुर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय पर तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी का मोबाइल नंबर दिया गया।
जहां चिकित्सक ने दूसरे दिन आने का आश्वासन दिया।
फिलहाल मामले को लेकर पशुपालक जहां दर बदर की ठोकरें खाने को मजबूर है, वहीं किसानों और पशुपालकों की सुविधा के लिए जारी हेल्पलाइन पर बैठे सरकार के कारिंदे सरकार की लुटिया डुबोने पर तत्पर हैं।जबकि समूचे प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए उक्त हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
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