आजमगढ़ : पूरे नगर की सड़कें हुई बदहाल, राहगीरों का पैदल चलना भी हुआ दुरूह
# खस्ताहाल सड़कें बढ़ा रहीं हैं सर्वाइकल पेशेंटों की संख्या- डॉ एके मिश्र
आजमगढ़।
फैज़ान अहमद
तहलका 24×7
जिले की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं जो राहगीरों बीमार कर रहे हैं। जहां बड़े गड्ढों और उखड़ी गिट्टियों से वाहनों की रफ्तार कम हो रही है तो वहीं राहगीर इनमें लगने वाले झटकों से कमर और गर्दन दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही है।

शहर की बात करें तो दलालघाट से पुरानी कोतवाली, रैदोपुर से काली चौरा, पुरानी सब्जी मंडी से बदरका, पुरानी सब्जी मंडी से आसिफ गंज, पुरानी कोतवाली से पांडेय बाजार व सिधारी पुल से शंकर जी तिराहा तक की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। हालांकि इन्हें गड्ढामुक्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कहीं-कहीं गड्ढों में गिट्टियां गिरा कर छोड़ दी हैं लेकिन उसे बनाया नहीं। बारिश के बाद शहर की सड़कों पर बने इन गड्ढों में पानी भर गया जो लोगों के लिए मुसीबत से कम नहीं रहा।

अभी हाल ही में जिलाधिकरी विशाल भारद्वाज ने समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को जल्द से जल्द सड़क को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया। बावजूद इस पर कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। फिलहाल मौजूदा वक्त में सड़क के गड्ढे राहगीरों को दर्द दे रहे हैं। दोपहिया और चार पहिया वाहन हिचकोले खाते हुए चले रहे हैं। जरा सी चूक हादसों का सबब बन रही है।

# झटकों से डिस्क खिसकने का खतरा
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एके मिश्र बताते हैं कि तेज झटकों से कमर की डिस्क खिसकने का खतरा रहता है। रीढ़ व कमर दर्द के मरीजों के लिए गड्ढों भरी सड़क पर सफर और दर्द बढ़ा सकती है। इसके अलावा सर्वाइकल से गर्दन में दर्द हो सकता है। इसके लक्षण होने पर सुरक्षित यात्रा ही बचाव है। ऐसे में बाइक के सफर से बचना होगा। ट्रेन की यात्रा करें तो बेहतर है। बताया कि रोजाना कमर और गर्दन दर्द के 15-20 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। पहले इनकी संख्या बमुश्किल 8-10 होती थी।

इस संदर्भ में जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने कहा कि समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी को 15 तक हर हाल में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें कहा गया है कि वह हर हाल में गुणवत्तायुक्त सड़कों का मरम्मत कराएं।

















