जनपद का हरिहरपुर घराना संगीत के लिए विश्व में मशहूर है। यहां के कलाकार गायकी, संगीत, तबला-वादन में देश ही नहीं, विदेश में भी अपनी कला का डंका बजा रहे हैं। यही नहीं पंडित छन्नूलाल मिश्र ने पूरे देश में ठुमरी में महारथ हासिल की। आज भले ही वह जनपद वासियों से दूर वाराणसी में हैं लेकिन उनकी हर प्रस्तुतियां लोगों के अंतर्मन को छू जाती हैं। इस घराने ने लुप्त हो रही विधा कजरी, चैता, फगुआ आदि को बचाने के लिए हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के माध्यम से लगभग 25 वर्षों से हरिहरपुर कजरी महोत्सव का आयोजन कर रहा है। यह महोत्सव अगस्त माह में धूमधाम से मनाया जाता है। इसके लिए पूरा घराने के लोग मिलकर अपनी विलुप्त हो रही कजरी को संजोने का प्रयास करते हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने भी विलुप्त हो रही आजमगढ़ की कला को धार देने व जिले में अन्य विकास कार्यों को कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के विकास की विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिया है।
हरिहरपुर घराना के शंभूनाथ मिश्रा का कहना था कि आज हम लोग अपनी परंपरा व पारंपरिक गीतों को भुलाते जा रहे हैं। सावन माह में कजरी की अलग पहचान है लेकिन अब कहीं भी कजरी की धुन सुनाई नहीं पड़ती। कभी कजरी की धुन इतनी लोकप्रिय थी कि शास्त्रीय संगीत के घरानों ने भी इसे अपना कर वाहवाही लूटी। मुख्यमंत्री के फैसले से इस विधा को संजीवनी मिलेगी। वहीं इसी प्रवीण कुमार मिश्रा का कहना है कि हरिहरपुर घराना के सभी कलाकार के लिए बहुत गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री व आजमगढ़ के सांसद दिनेश लाल ने हम सभी कलाकारों के लिए सोचा।