छेड़खानी मामले में अब होगी जेल, पुलिस ने तैनात किए “शिष्टाचार” दस्ते
नई दिल्ली।
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दिल्ली पुलिस ने छेड़छाड़ रोकने और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से “शिष्टाचार” दस्तों की तैनाती की है।दिल्ली पुलिस की ओर से गुरूवार को ये जानकारी दी गई। पुलिस के मुताबिक शिष्टाचार दस्ते जिलेवार मॉल, स्कूलों और बाजारों के आसपास इलाकों में कड़ी निगरानी रख रहे हैं, ताकि महिलाओं के साथ हो रही छेड़छाड़ और उत्पीड़न जैसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। इस तैनाती का उद्देश्य दिल्ली की महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण देना है।

रोहिणी के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विष्णु कुमार ने कहा कि रोहिणी जिले में छेड़छाड़ विरोधी दस्ते उन लोगों की जांच कर रहे हैं जो संदिग्ध दिख रहे हैं या गुंडागर्दी कर रहे हैं। जिससे महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही है। गश्त के दौरान ‘शिष्टाचार’ दस्तों ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया और महिलाओं से पूछा कि क्या उनकी कोई शिकायत है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस थानों में लाया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर उनका रिकॉर्ड साफ है तो चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है।

नाबालिगों ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल हैं तो उनके माता पिता को भी बुलाया जाता और उन्हें उचित परामर्श के बाद छोड़ दिया जाता है।एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि दस्ते की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट हर हफ्ते सोमवार को तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि हर जिले में कम से कम दो दस्ते बनाए जाएंगे, जिनकी निगरानी संबंधित जिले के एसीपी, क्राइम सेल द्वारा की जाएगी। हर शिष्टाचार दस्ते में एक निरीक्षक, एक उप निरीक्षक, चार महिला अधिकारी, पांच पुरुष अधिकारी और तकनीकी सहायता के लिए एंटी ऑटो थेफ्ट दस्ते के विशेष स्टाफ का एक कर्मी शामिल होगा।

शिष्टाचार दस्ता गाड़ी और दो पहिया वाहन पर पेट्रोलिंग करेगा।खासतौर पर संवेदनशील इलाकों में नियमित तौर पर पेट्रोलिंग की जाएगी। अपराधियों की पहचान करने के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट खास तौर पर डीटीसी बसों में औचक निरीक्षण किया जाएगा।बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश की तरह एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाने का वादा किया था, जिसे पूरा करने की कवायद शुरु हो चुकी है।
















