बताते चलें कि गत दस मई 2020 को नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिघल ने धनंजय सिंह व विक्रम सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि उसे पचहटिया स्थित साइट से अपहरण कर धनंजय सिंह के आवास पर ले जाया गया। वहां पूर्व सांसद धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए और जबरन वादी की फर्म को कम गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति करने को कहा। इन्कार करने पर गालियां व धमकी दी तथा रंगदारी मांगा। दूसरे दिन धनंजय की गिरफ्तारी हुई यहां से जमानत निरस्त हुई और हाईकोर्ट से जमानत मिली। पत्रावली एमपी-एमएलए कोर्ट प्रयागराज भेजी गई थी। हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद पत्रावली यहां आई। पूर्व में वारंट जारी था। धनंजय सिंह कोर्ट में हाजिर होकर वारंट रिकाल कराए।