माघ मेले में फिर लगी आग, तीन कल्पवासियों के टेंट राख

माघ मेले में फिर लगी आग, तीन कल्पवासियों के टेंट राख

प्रयागराज। 
तहलका 24×7 
                माघ मेले में आग लगने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला त्रिवेणी मार्ग पर गंगोली शिवाला के पास किशोरी मठ चित्रकूट के शिविर का है। यहां शनिवार की रात आग लगने से तीन कल्पवासियों के टेंट राख हो गए। घटना में कल्पवासियों की गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया, राहत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़की और देखते ही देखते टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया।
आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर अन्य श्रद्धालुओं को सतर्क किया। सूचना मिलते ही दमकल और मेला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। मेले में अस्थायी टेंटों की बड़ी संख्या और लगातार चल रहे रसोई कार्य के कारण आग लगने का खतरा बना रहता है।
इस बार के मेले में पहले भी कई छोटे बड़े अग्निकांड सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर मामलों में टेंट, बिस्तर, कपड़े और राशन जलने की घटनाएं हुईं। प्रशासन की ओर से बार बार अपील की जाती रही है कि टेंटों में आग का इस्तेमाल सावधानी से करें और बिजली के अस्थायी कनेक्शन सुरक्षित तरीके से लगवाएं।
एसएसपी माघ मेला नीरज पांडेय के मुताबकि, मेले में आग की घटनाओं का एक बड़ा कारण घनी बसावट भी मानी जाती है। टेंट एक दूसरे के बेहद करीब हैं, जिससे आग तेजी से फैल जाती है।
कई बार सिलेंडर, स्टोव और हीटर के इस्तेमाल से भी खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए मेला प्रशासन ने फायर पोस्ट, पानी के टैंकर और अग्निशमन दल की तैनाती बढ़ाई है, लेकिन भीड़ और अस्थायी ढांचे की वजह से चुनौती बनी रहती है। प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 में शनिवार को आग लगने की यह छठवीं घटना है। आग में तीन लाख रुपये कैश और कई टेंट जलकर राख हो चुके हैं। इस बार आग में झुलसकर एक श्रद्धालु की मौत भी हो चुकी है।
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