निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन, दमनात्मक कार्रवाइयों पर जताया आक्रोश

निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन, दमनात्मक कार्रवाइयों पर जताया आक्रोश

वाराणसी। 
तहलका 24×7
               बिजली के निजीकरण और ऊर्जा प्रबंधन की कथित दमनात्मक नीतियों के विरोध में भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर बिजलीकर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभियंता,जूनियर इंजीनियर,तकनीकी कर्मचारी और संविदा कर्मी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऊर्जा प्रबंधन कर्मचारी हितों की आवाज उठाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहा है।स्थानांतरण,निलंबन,
अनुशासनात्मक कार्रवाई और मानसिक दबाव बनाकर कर्मचारियों को भयभीत करने का प्रयास किया जा रहा है,जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार और ऊर्जा प्रबंधन विद्युत सेवाओं के निजीकरण की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहे हैं।
इससे न केवल बिजलीकर्मियों के हित प्रभावित होंगे, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।
संघर्ष समिति ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते का अब तक पालन नहीं किया गया है,जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान बिजलीकर्मियों पर दर्ज एफआईआर,निलंबन,दूरस्थ स्थानांतरण और अन्य दमनात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारी संगठनों की लोकतांत्रिक गतिविधियों को दबाने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से स्थानांतरण,चार्जशीट,वेतन रोकने और मानसिक उत्पीड़न जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं।कहा कि बिजलीकर्मी दिन-रात मेहनत कर जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति दे रहे हैं,लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
संघर्ष समिति ने मई 2025 में सेवा नियमों में किए गए संशोधन को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए बिना जांच और सुनवाई के सेवा से बर्खास्त करने के प्रावधान का विरोध किया।
साथ ही फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध सभाओं में शामिल होने पर स्थानांतरण,वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अलग होने पर कार्रवाई,कर्मचारियों के आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने जैसी प्रक्रियाओं को तत्काल बंद करने की मांग उठाई।सभा को ई. जितेंद्र सिंह गुर्जर,ई. मायाशंकर तिवारी,महेंद्र राय,ओपी सिंह,प्रेमनाथ राय,चंद्रभूषण उपाध्याय, सूर्यदेव पांडेय,अखिलेश शर्मा,दलसिंगार यादव, निखिलेश सिंह समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
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