69,000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त,कहा-अभ्यर्थियों का भविष्य लंबे समय तक अधर में नहीं रखा जा सकता
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
69,000 शिक्षक भर्ती मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की।न्यायमूर्ति एवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजरिया की पीठ ने कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य को लंबे समय तक अनिश्चितता में नहीं रखा जा सकता।मामले का फैसला चाहे किसी भी पक्ष के पक्ष में हो,लेकिन इसे जल्द तय किया जाना जरुरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर से लगातार तीन दिनों तक करने का निर्णय लिया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता से कहा कि मामले से जुड़े सभी पक्षों और उनके दावों को श्रेणीवार व्यवस्थित किया जाए।इसमें आवेदकों,वादियों और प्रतिवादियों की अलग-अलग श्रेणियां,उनकी आपत्तियां और अदालत से की गई मांगों का विवरण शामिल किया जाए।

पीठ ने सरकारी वकील को निर्देश दिया कि वह एक विस्तृत सूची तैयार कर बताए कि किन-किन पक्षों को किन मुद्दों पर सुनवाई का अवसर दिया जाना है। अदालत ने यह पूरा खाका दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है।सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा।अदालत की इस टिप्पणी से लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है।

गौरतलब है कि इससे पहले 69,000 शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही थी।पिछली सुनवाई के बाद पीठ में बदलाव किया गया है और अब नई पीठ मामले के विभिन्न पहलुओं को समझने के बाद सुनवाई आगे बढ़ा रही है।

















