गुजरात के मोरबी में वीभत्स हादसे में 132 लोगों की मौत, 70 से ज्यादा घायल, कई लापता 

गुजरात के मोरबी में वीभत्स हादसे में 132 लोगों की मौत, 70 से ज्यादा घायल, कई  लापता 

# मच्छु नदी में बना केबल ब्रिज अचानक टूट जाने से हुआ लोमहर्षक हादसा 

गुजरात/लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा 
तहलका 24×7 
               गुजरात के मोरबी में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां मच्छु नदी में बना केबल ब्रिज अचानक टूट जाने से कई लोग नदी में गिर गए। मोरबी सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में मरने वालों की संख्या 100 के पार हो गई है और घायलों की संख्या 70 से ज्यादा बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचे हुए लोगों को नदी से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब भी 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। यह ब्रिज रिनोवेशन के बाद हाल ही में चालू किया गया था।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।उन्होंने ब्रिज के टूटने के बाद एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें उनकी कैबिनेट के मंत्री, सांसद, विधायक और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल थे। इस दौरान स्थिति की समीक्षा की गई। घटना की जांच के लिए एसआईटी की पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय पुल पर बड़ी तादाद में भीड़ मौजूद थी। रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय लोग भी पुलिस और प्रशासन की मदद कर रहे हैं। NDRF और SDRF की तीन-तीन टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हैं। हादसे की भयावहता को देखते हुए भारतीय वायु सेना (IAF) ने गरुड़ कमांडो की टीम पहुंचाई है अभी भी कई लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है।
NDRF की दो टीमें पहुंच गई हैं। इनमें एक गांधीनगर और एक वड़ोदरा की है। SDRF की तीन प्लाटून राजकोट से पहुंची हैं। SRP की एक प्लाटून जामनगर से आई है। आर्मी की दो प्लाटून हैं। एक सुरेंद्र नगर और एक कच्छ से हैं। राजकोट नगर निगम की 10 नावें और फायर ब्रिगेड की टीमें भी पहुंची हैं।
गुजरात सरकार ने हादसे की जांच के लिए 5 लोगों की SIT का गठन कर दिया है, जिसमें म्युनिसिपल कारपोरेशन के एक IAS अधिकारी, एक क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर और 3 अन्य आधिकारी शामिल रहेंगे. इसके अलावा CID की एक टीम भी इसकी जांच करेगी। हादसे के बाद जिसके परिवार के सदस्य फंसे या लापता हैं उनकी जानकारी के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय के आपदा नियंत्रण कक्ष ने हेल्पलाइन नंबर 02822 243300 जारी किया है।

# 5 दिन पहले ही हुआ शुरू

केबल ब्रिज काफी पुराना बताया जा रहा है। राजा-महाराजाओं के समय का यह पुल ऋषिकेश के राम-झूला और लक्ष्मण झूला पुल की तरह झूलता हुआ सा नजर आता था, इसलिए इसे झूलता पुल भी कहते थे। इसे गुजराती नववर्ष पर महज 5 दिन पहले ही रिनोवेशन के बाद चालू किया गया था।रिनोवेशन के बाद भी इतना बड़ा हादसा होने पर अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिटनेस सर्टिफिकेट लिए बिना ही ब्रिज को शुरू कर दिया गया था। ब्रिज पर घूमने आए लोगों को 17 रुपए का टिकट खरीदना होता था। वहीं, बच्चों के लिए 12 रुपए का टिकट अनिवार्य था। पिछले 7 महीने से इस पुल की मरम्मत चल रही थी। रिनोवेशन का काम एक ट्रस्ट के जरिए किया गया। इतने समय बाद पुल खुलने के कारण रविवार को बड़ी तादाद में लोग अपने परिवारों के साथ पुल पर तस्वीरें और सेल्फी लेने के लिए पहुंचे थे। ब्रिज की लंबाई 200 मीटर से ज्यादा थी. चौड़ाई करीब 3 से 4 फीट थी। 
हादसे के बाद केबल ब्रिज की कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें नजर आ रहा है कि ब्रिज बीच से टूटकर नदी में समा गया है. ब्रिज टूटने के बाद कई लोग बीच में लटक गए, जो टूटे हुए ब्रिज को पकड़कर किसी तरह बचने की कोशिश करते दिखे।गुजरात सरकार ने मृतकों के परिवार को 4 लाख और घायलों के परिवार को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं, पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया है। 
गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, ‘मैं इस मामले पर राजनीति नहीं करने की अपील करूंगा। 70 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है. अधिकांश लोग खतरे से बाहर हैं.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी में हुई दुर्घटना के संबंध में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से बात की। उन्होंने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने के लिए कहा है। पीएम मोदी ने स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने के लिए भी कहा है। 
हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं. इस विषय में मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और कई अधिकारियों से बात की है. स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है. NDRF भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुंच रही है. प्रशासन को घायलों को तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए हैं.
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है। घायलों के तत्काल उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वे इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा, पीएम नरेंद्रभाई मोदी ने मुझसे मोरबी की त्रासदी के बारे में बात की और स्थिति का जायजा लिया।  प्रधानमंत्री ने पूरे हालात पर लगातार नजर रखने और बचाव अभियान के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया है। बता दें कि इससे पहले 14 अक्टूबर को भारी बारिश के कारण दक्षिण गोवा में दूधसागर झरने में केबल ब्रिज गिर गया था. इसकी चपेट में आए 40 से ज्यादा पर्यटकों को किसी तरह बचाया गया था।
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