जंतर-मंतर से देशभर तक उबाल: छात्र आंदोलन ने पकड़ी राष्ट्रीय रफ्तार, विपक्ष खुलकर मैदान में

जंतर-मंतर से देशभर तक उबाल: छात्र आंदोलन ने पकड़ी राष्ट्रीय रफ्तार,विपक्ष खुलकर मैदान में

नई दिल्ली। 
तहलका 24×7 
              राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन और तेज हो गया।संसद के मानसून सत्र के बीच विपक्षी दलों ने आंदोलन को खुला समर्थन दिया, जबकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।कई मेट्रो स्टेशन अस्थायी रुप से बंद किए गए हैं और पूरे संसद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में देशभर से छात्र और युवा संगठन के लोग मौजूद हैं।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दिपके,सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई।विपक्ष के कई सांसद भी आंदोलन के समर्थन में सक्रिय हैं।कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली विफल करने का आरोप लगाया है।समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल भी छात्रों के समर्थन में बयान दे रहे हैं।
कई वामपंथी छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन में भागीदारी की है।सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने हुए हैं। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के अनुसार,आज किसी बड़े फिल्म अभिनेता या अभिनेत्री की आधिकारिक उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।सोशल मीडिया पर कई दावे चल रहे हैं,लेकिन उनकी पुष्टि नहीं हुई है।संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।16 दिल्ली मेट्रो स्टेशन अस्थायी रुप से बंद कर दिए गए हैं।पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पहले हुई झड़पों के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

# बड़े शहरों का हाल

लखनऊ: अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर के विरोध में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।पुलिस ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।छात्र संगठनों ने भी परीक्षा मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया।प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है।स्थानीय स्तर पर ज्ञापन और धरने का सिलसिला चल रहा है।
वाराणसी में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए हैं।अलीगढ़ में छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम किए हैं।वहीं नागपुर में छात्रों और सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन तथा केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग जारी है। 

# आंदोलन की मुख्य मांगें

NEET-UG 2026 पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी है।राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की जा रही है। वहीं परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करना।प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना।कुल मिलाकर,जंतर-मंतर का आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा।इसका असर उत्तर प्रदेश,महाराष्ट्र,पंजाब सहित कई राज्यों में दिखाई दे रहा है और संसद के मानसून सत्र में भी यह प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
Previous articleसर सैयद गर्ल्स कॉलेज में विज्ञान प्रदर्शनी की बस ने जगाई वैज्ञानिक सोच
Next articleअखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने पर जौनपुर में गरमाई सियासत, सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?