जौनपुर : आपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में हास्पिटल सील

जौनपुर : आपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में हास्पिटल सील

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
               आपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में अस्पताल को सील कर दिया गया है। फरार संचालक व चिकित्सक की तलाश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। दूसरे दिन गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। अस्पताल का पंजीकरण एक मई को समाप्त हो गया था। साढ़े तीन माह से अवैध रूप से संचालन हो रहा था।

बक्शा के हीरापुर निवासी 25 वर्षीय काजल पांडेय की बुधवार को बदलापुर पड़ाव स्थित परमार्थ हास्पिटल में आपरेशन के दौरान मौत हो गई। ससुर उदयराज पांडेय ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर उन्होंने काजल को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सक ने बताया कि पहले बच्चे के दौरान कुछ समस्या हो गई थी, जिसको ठीक कर दिया जाएगा। इसमें खर्च बीस हजार रुपये आएगा। इसके बाद उदयराज घर चला गया। दूसरे दिन जब मैं अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि काजल का आपरेशन हो रहा है। आपरेशन के दौरान ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल संचालक समेत पूरा स्टाफ फरार हो गया। उदयराज पांडेय के तहरीर देने के बाद पहुंचे पुलिस कर्मियों व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देर रात अस्पताल सील कर दिया। उधर, थानाध्यक्ष लाइन बाजार अखिलेश मिश्र ने बताया कि ससुर ने तहरीर दी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।

# आपरेशन करने वाले चिकित्सक की तलाश जारी

आपरेशन करने वाले चिकित्सक और बेहोशी के चिकित्सक को लेकर गुरुवार को दिनभर चर्चा होती है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि तीन माह पूर्व हुए सीजर का टांका न सूखना कोई गंभीर मामला नहीं है। आपरेशन भी सामान्य प्रक्रिया है। आपरेशन करने वाले बीएएमएस चिकित्सक हैं। उनके आपरेशन के दौरान इस तरह की कई घटना हो चुकी हैं। वहीं यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बेहोशी के लिए दवा की डोज अधिक होना भी मौत का कारण हो सकता है। घटना का सच तो संचालक के सामने आने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही लग सकता है।

# वाराणसी की कल्याणी गुप्ता हैं अस्पताल की संचालक

परमार्थ हास्पिटल की संचालक वाराणसी के आदमपुर निवासी डाक्टर कल्याणी गुप्ता हैं। पंजीकरण में डाक्टर शिव कुमार जायसवाल एमबीबीएस सर्जन की भी डिग्री लगी है। नोडल अधिकारी डाक्टर राजीव कुमार यादव ने बताया कि चार माह के लिए अस्पताल का पंजीकरण किया गया था जिसकी अवधि एक मई 2022 को समाप्त हो गई है। संचालक ने नवीनीकरण नहीं कराया था। उनका कहना है कि वर्तमान में अस्पताल कौन चला रहा था। सर्जन पुन: सेवा दे रहे थे अथवा किसी अन्य चिकित्सक को लगाया गया था। यह तो जांच के बाद पता चल पाएगा।
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