जौनपुर : पानी की समस्या को लेकर लगातार दो दिन से पीयू के छात्र कर रहे हैं प्रदर्शन
# अपनी टीम बनाकर कर समस्याओं को अवगत कराने का कुलपति ने दिया सलाह
करंजाकला। दीपक श्रीवास्तव तहलका 24×7 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अधिकारियों की लापरवाही से हर काम में लोगों को लेटलतीफी का सामना करना पड़ता है। जिसका खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय इस समय पानी की किल्लत से जूझ रहा है। जगह-जगह लगे वाटर फिल्टर सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। वाटर फिल्टर के पास पूरी तरीके से घास सूख चुकी है। विश्वविद्यालय के हेड और डीन इसकी सुध नहीं लेते हैं जिसका खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं और लगातार दो दिन से कुलपति कार्यालय के सामने लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के अलग-अलग फैसिलिटी में लगे वाटर फिल्टर इस भीषण गर्मी में जवाब दे रहे हैं जिससे छात्रों ने अपनी समस्या को उस दिन पहले कुलपति को अवगत कर आई थी लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली। बाद होकर छात्रों ने दोबारा प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति निर्मला एस मौर्य ने छात्रों को धमकी देते हुए औकात में रह कर बात करें कह कर धरने को समाप्त करने के लिए कहा जिससे छात्र और आक्रोशित हो गए और उन लोगों ने पूरी रात कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
लगातार 36 घंटे चले इस प्रदर्शन से पूर्वांचल विश्वविद्यालय की बदनामी के डर से कुलपति ने दोबारा छात्रों को यह आश्वासन दिया कि आगे भविष्य में उन्हें पानी की समस्या नहीं होगी। विश्वविद्यालय परिसर में लगे हर जगह वाटर प्लांट, वाटर कूलर को आज ही सही करा दिया जाएगा। तथा छात्रों की एक समिति बनाई जाएगी जिसमें हर फैकल्टी से दो-दो छात्र होंगे। उस समिति का नेतृत्व छात्र नेता उद्देश्य प्रिंस त्रिपाठी और प्रज्ञा गुप्ता करेंगे। यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या होती है तो वह सबसे पहले विश्वविद्यालय के हेड और डीन से बात कर अपनी समस्या को अवगत कराएंगे अगर बात वहां नहीं बनती तो अपनी समस्या को कुलपति के पास आकर कह सकते हैं जिसका निस्तारण तुरंत किया जाएगा।छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की तरफ से पानी का शुल्क लिया जाता है लेकिन पानी जैसी सुविधा भी विश्वविद्यालय में नदारद है।
कुलपति ने बताया कि जो भी छात्रों की समस्या है उसका समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा। जिसके लिए उन्होंने छात्रों को सलाह दी है कि वह हर एक प्रकृति से दो दो छात्रों को लेकर अलग-अलग विभाग के लिए एक टीम बना लें जिससे उनको किसी प्रकार की समस्या होती है तो सबसे पहले वह विश्वविद्यालय के हेडो और डीन को अपनी समस्या से अवगत कराए और अगर वहां उनके समस्या का समाधान नहीं हो पाता तो वह अपनी समस्या मेरे पास लेकर आए हैं उनकी समस्या का निराकरण किया जाएगा। पानी की समस्या को लेकर उन्होंने कहा की कहीं एक या दो जगह अगर अचानक समस्या आ जाती है तो उसको समय से ठीक करा दिया जाता है लेकिन कुछ छात्र आए दिन विश्वविद्यालय परिसर में कुछ ना कुछ करना चाहते हैं इस वजह से हंगामा होता है।