मदरसों में नियुक्ति घोटाले के आरोपों की जांच तेज,कई जिलों के संस्थान जांच के घेरे में
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में कथित अनियमित नियुक्तियों के मामलों को लेकर जांच तेज हो गई है।प्रारंभिक जांच में बाराबंकी, जौनपुर,बस्ती,कुशीनगर और आजमगढ़ समेत कई जिलों के मदरसों में प्रबंधकों के परिजनों को नियुक्ति दिए जाने के आरोप सामने आए हैं।

आरोप है कि कुछ मदरसों में प्रबंधकों ने नियमों से बचने के लिए अस्थायी रुप से पद छोड़कर अपने करीबी लोगों को प्रबंधक बनाया और बाद में पत्नी,बेटे,बहू,बेटी, दामाद तथा अन्य रिश्तेदारों की नियुक्तियां कराईं। नियुक्तियों के बाद पुनः प्रबंधक पद संभाल लिया गया। बस्ती जिले के कप्तानगंज स्थित एक मदरसे में प्रबंधक पर अपने पांच दामादों को नौकरी दिलाने का आरोप लगा है।वहीं बाराबंकी के एक मदरसे में प्रबंधक की पत्नी और साले की नियुक्ति का मामला सामने आया है।

जौनपुर जिले के मछलीशहर क्षेत्र स्थित एक मदरसे में प्रबंधक की पत्नी,दो बेटों तथा अन्य रिश्तेदारों को नियुक्ति दिए जाने के आरोप हैं।जिले के एक अन्य मदरसे में भी प्रबंधक की बहू को नौकरी दिए जाने का मामला जांच के दायरे में है।जांच में कुछ मामलों में ऐसे कर्मचारियों को वेतन दिए जाने के आरोप भी सामने आए हैं,जो लंबे समय से विदेश में रह रहे थे या नियमित रुप से संस्थान में उपस्थित नहीं थे।कुशीनगर के एक मदरसे में प्रबंधक के परिवार के कई सदस्यों की नियुक्ति और विदेश में रहने के बावजूद वेतन भुगतान के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता का उपयोग छात्रों की शिक्षा के लिए होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।फिलहाल संबंधित मामलों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

















